जगजीवन राम थे दलितों, गरीबों व वंचितों के मसीहा : प्रो पवन

जगजीवन राम थे दलितों, गरीबों व वंचितों के मसीहा : प्रो पवन

मधेपुरा. भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के शैक्षणिक परिसर स्थित विश्वविद्यालय राजनीति विज्ञान विभाग में भारत के पूर्व उपप्रधानमंत्री जगजीवन राम की जयंती मनायी गयी, जिसकी अध्यक्षता राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो पवन कुमार ने की. उन्होंने कहा कि बाबू जगजीवन राम भारतीय राजनीति के एक ऐसे व्यक्तित्व रहे, जिन्होंने सामाजिक समरसता और समानता के लिए लगातार संघर्ष किया. उनका जन्म पांच अप्रैल 1908 को बिहार के शाहाबाद जिले (अब भोजपुर जिला) के चांदवा गांव में हुआ था. भोजपुर से दिल्ली तक की राजनीति का सफर करने वाले जगजीवन राम दलितों, गरीबों व वंचितों के मसीहा माने जाते हैं. उन्होंने संसदीय लोकतंत्र की मजबूती के लिए अविस्मरणीय योगदान दिया. उन्होंने कहा कि बाबू जगजीवन राम शालीन व्यक्तित्व के धनी थे. अतिथि शिक्षिका डॉ कल्पना मिश्रा ने कहा कि पूर्व उपप्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम की जयंती पर नमन करती हूं. उनके विचार और संघर्ष हमें हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे. विभाग के कार्यालय सहायक यतींद्र कुमार मुन्ना ने कहा कि जगजीवन राम ने अपना पूरा जीवन वंचितों, शोषितों और दलितों के अधिकारों के लिए समर्पित किया. उन्होंने उनके हक और भागीदारी को देश के लोकतांत्रिक और संवैधानिक मुल्यों को मजबूती प्रदान की. उन्हें पूरे सम्मान के साथ ””बाबूजी”” कहा जाता है. मौके पर शोधार्थी राजेश कुमार, नंदन कुमार, जयदीप मोनू,अंशु कुमार सिंह, पवन हरिजन आदि मौजूद थे.

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By Kumar Ashish

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