शंकरपुर, मधेपुरा से निरंजन कुमार की रिपोर्ट
Heatwave In Madhepura: मधेपुरा जिले के शंकरपुर प्रखंड में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी के बीच आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन जारी है. इसके कारण 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के छोटे-छोटे बच्चों को रोजाना केंद्र तक पहुंचना पड़ रहा है. चिलचिलाती धूप और उमस भरे मौसम में बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ने लगी है.
सुबह से ही सताने लगती है गर्मी
स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि सुबह होते ही तेज धूप और उमस का असर महसूस होने लगता है. ऐसे में छोटे बच्चों को घर से बाहर निकालना जोखिम भरा साबित हो सकता है. कई बच्चे पैदल या अपने अभिभावकों के साथ आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचते हैं, जिससे उन्हें लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं का खतरा बना रहता है.
कई केंद्रों में सुविधाओं का अभाव
स्थिति को और गंभीर बनाता है कि कई आंगनबाड़ी केंद्रों में पर्याप्त पंखे, स्वच्छ पेयजल और गर्मी से राहत देने वाली बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. ऐसे में केंद्रों पर पहुंचने वाले बच्चों को असहज परिस्थितियों में समय बिताना पड़ता है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि कम उम्र के बच्चे गर्मी और लू से जल्दी प्रभावित होते हैं. इसलिए इस मौसम में उनकी विशेष देखभाल और सुरक्षा जरूरी है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां एक ओर अत्यधिक गर्मी को देखते हुए विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है, वहीं दूसरी ओर आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश सामने नहीं आया है. इससे अभिभावकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
हालांकि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को पोषण, प्रारंभिक शिक्षा, टीकाकरण और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है तथा सेविकाएं और सहायिकाएं नियमित रूप से अपने दायित्व निभा रही हैं.
समय में बदलाव या अस्थायी रोक की मांग
अभिभावकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान मौसम को देखते हुए बच्चों की उपस्थिति को अस्थायी रूप से स्थगित करने या केंद्रों के संचालन समय में बदलाव पर विचार किया जाना चाहिए. उनका मानना है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.
लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि मौसम की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं ताकि भीषण गर्मी के दौरान नौनिहालों को किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े.
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