ग्वालपाड़ा (मधेपुरा). ग्वालपाड़ा थाना क्षेत्र की झलाड़ी पंचायत के भलुवाही गांव में बाहर से लाई गयी एक कथित नाबालिग लड़की द्वारा अपने पति पर मारपीट का आरोप लगाने का मामला सामने आया है. लड़की ने कहा कि वह अब भलुवाही में नहीं रहना चाहती और अपने घर वापस जाना चाहती है. दोनों की उम्र कम बतायी जा रही है, जिससे मामले में बाल विवाह और नाबालिगों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
नौ दिन पहले शादी होने का लड़की ने किया दावा
जानकारी के अनुसार लड़की की उम्र करीब 14 वर्ष बतायी जा रही है और उसने अपना घर मथुरा बताया है. वहीं गांव निवासी एक किशोर की उम्र करीब 17 वर्ष बतायी जा रही है. बताया जाता है कि वह पूर्व में गाजियाबाद में रहता था. लड़की के अनुसार दोनों की करीब नौ दिन पहले शादी हुई थी. उसने बताया कि शादी से पहले दोनों के बीच सिर्फ एक दिन बातचीत हुई थी. इसके बाद वह किशोर के साथ भलुवाही पहुंची थी.
शादी के कुछ दिन बाद मारपीट का आरोप
लड़की ने आरोप लगाया कि सोमवार को भलुवाही पहुंचने के बाद उसके पति ने उसके साथ मारपीट की. घटना से आहत लड़की ने सिंदूर और चूड़ियां तोड़कर फेंक दीं और वहां रहने से इनकार कर दिया. लड़की ने कहा कि वह किसी भी स्थिति में अब वहां नहीं रहना चाहती और अपने घर वापस जाना चाहती है. उसने सवाल उठाया कि यदि कथित शादी के महज नौ दिन बाद ही उसके साथ मारपीट की जा रही है तो भविष्य में वह इस रिश्ते में खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगी.
दोनों की उम्र कम होने से उठे बाल विवाह के सवाल
मामले में लड़की और किशोर दोनों की उम्र कम बतायी जा रही है. ऐसे में घटना ने बाल विवाह के साथ नाबालिगों की सुरक्षा और संरक्षण से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि दोनों की उम्र और कथित विवाह की कानूनी स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी.
पुलिस को भेजा गया था, मौके पर नहीं मिली लड़की
ग्वालपाड़ा थाना के अपर थानाध्यक्ष उपेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की सूचना मिलने के बाद थाना से पुलिस बल को भेजा गया था. पुलिस के पहुंचने से पहले संबंधित पक्ष लड़की को लेकर वहां से निकल गया था. मामले में पुलिस की ओर से आगे की जानकारी और कार्रवाई की जा रही है.
नाबालिग की सुरक्षा और घर वापसी पर टिकी नजर
घटना के बाद सबसे अहम सवाल नाबालिग लड़की की सुरक्षा और उसके सुरक्षित रूप से परिजनों तक पहुंचने का है. पुलिस को मामले में लड़की की उम्र, कथित विवाह की परिस्थितियों और मारपीट के आरोप समेत सभी पहलुओं की जांच करनी होगी. जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी.
