मधेपुरा. पंचायती राज विभाग के निर्देश पर जिला पंचायत संसाधन केंद्र मधेपुरा में ई-ग्राम कचहरी विषय पर पांच दिवसीय गैर-आवासीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण गुरुवार से शुरू हुआ. प्रशिक्षण में जिले के सभी प्रखंडों से सरपंच, न्यायमित्र व ग्राम कचहरी सचिव भाग ले रहे हैं. प्रशिक्षण को बैचवार आयोजित किया जा रहा है, ताकि सभी प्रतिभागियों को व्यवहारिक व तकनीकी जानकारी विस्तार से दी जा सके. डिजिटल न्याय व्यवस्था पर विशेष फोकस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम कचहरियों के न्यायिक कार्यों को पूर्णतः डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना और पारदर्शी, जवाबदेह व समयबद्ध न्याय प्रणाली को मजबूत करना है. ई-ग्राम कचहरी पोर्टल के माध्यम से वाद पंजीकरण, नोटिस निर्गमन, तिथि निर्धारण, सुनवाई की कार्रवाई की ऑनलाइन प्रविष्टि, आदेश अपलोडिंग तथा रिकॉर्ड संधारण की प्रक्रिया को डिजिटल स्वरूप में संचालित करने की जानकारी दी जा रही है. विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को पोर्टल पर लॉग-इन प्रक्रिया, केस एंट्री, दस्तावेज अपलोड, स्टेटस ट्रैकिंग व रिपोर्ट जनरेशन की विधि का लाइव डेमो दिया जा रहा है. साथ ही तकनीकी समस्याओं के समाधान, डेटा सुरक्षा व ऑनलाइन मॉनिटरिंग तंत्र पर भी विस्तार से चर्चा की जा रही है. पारदर्शिता व त्वरित न्याय की दिशा में कदम अधिकारियों ने बताया कि ई-ग्राम कचहरी प्रणाली लागू होने से ग्राम कचहरियों में होने वाले वादों का रिकॉर्ड सुरक्षित व व्यवस्थित रहेगा. इससे न केवल न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि वादों के निष्पादन में भी तेजी आयेगी. आम नागरिकों को अपने मामलों की स्थिति की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उच्च स्तर पर मॉनिटरिंग संभव होगी, जिससे लंबित मामलों की समीक्षा और समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जा सकेगा. प्रतिभागियों में उत्साह जिला पंचायत संसाधन केंद्र में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर सरपंचों, न्यायमित्रों व कचहरी सचिवों में उत्साह देखा जा रहा है. प्रतिभागियों ने इसे ग्राम न्याय व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण व उपयोगी पहल बताया. पंचायती राज विभाग का मानना है कि ई-ग्राम कचहरी प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से पंचायत स्तर पर न्यायिक व्यवस्था अधिक सशक्त, पारदर्शी व जवाबदेह बनेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित व सुलभ न्याय सुनिश्चित किया जा सकेगा. पंचायती राज विभाग का मानना है कि ई-ग्राम कचहरी प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से पंचायत स्तर पर न्यायिक व्यवस्था अधिक सशक्त, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित व सुलभ न्याय सुनिश्चित किया जा सकेगा.
ई-ग्राम कचहरी को डिजिटल मजबूती देने की पहल: पांच दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण शुरू
ई-ग्राम कचहरी को डिजिटल मजबूती देने की पहल: पांच दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण शुरू
