बिहार के पारंपरिक लोकगीतों, पर्व-त्योहारों एवं सांस्कृतिक विरासत को किया जीवंत

कार्यक्रम उद्घाटन के बाद अतिथियों का स्वागत पौधा एवं शाल देकर किया गया.

मधेपुरा. बिहार दिवस के अवसर पर रविवार को जिला मुख्यालय स्थित कला भवन में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन जिला कला एवं संस्कृति विभाग बिहार पटना एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था. इसमें जिले के विभिन्न स्कूलों एवं संस्थानों के बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया. इस वर्ष बिहार दिवस का आयोजन उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार थीम पर किया गया. कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन एडीएम आपदा मुकेश कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार, ओएसडी संतोष कुमार, एक्साइज अधीक्षक दुर्गेश कुमार, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी अनंत कुमार, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी आम्रपाली कुमारी, प्रसिद्ध समाजसेवी एवं साहित्यकार डा. भूपेंद्र नारायण यादव मधेपुरी एवं समाजसेवी मो. शौकत अली ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम उद्घाटन के बाद अतिथियों का स्वागत पौधा एवं शाल देकर किया गया. – कार्यक्रम में 45 से अधिक दी गई प्रस्तुतियां – उद्घाटन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर शाम तक लगातार चलता रहा. कार्यक्रम में कुल 45 से अधिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें मुख्य रूप से नृत्य एवं गायन शामिल थे. बच्चों ने बिहार के पारंपरिक लोकगीतों, पर्व-त्योहारों एवं सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत कर दिया. सांस्कृतिक कार्यक्रम में सृजन दर्पण, प्रांगण रंगमंच, नवाचार रंगमंडल, डी फार डी, चिल्ड्रेन फ्यूचर एकेडमी मुरलीगंज, बीके पब्लिक स्कूल, ब्राइट एंजल्स स्कूल, हाली क्रास गर्ल्स स्कूल, मध्य विद्यालय जगजीवन आश्रम समेत कई शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. इसके अलावा स्थानीय कला समूहों एवं संस्थाओं के बच्चों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. इसमें बच्चों ने पूरे उत्साह एवं ऊर्जा के साथ अपनी कला का प्रदर्शन किया. – तालियों की गूंज से गूंज उठा पूरा सभागार – कार्यक्रम की खास बात यह रही कि बच्चों ने छठ पर्व, होली, सामा-चकेवा जैसे बिहार के पारंपरिक त्योहारों को नृत्य और गीत के माध्यम से बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया. दर्शक दीर्घा में बैठे लोग इन प्रस्तुतियों को देखकर भाव-विभोर हो गए एवं तालियों की गूंज से पूरा सभागार गूंज उठा. अधिकारियों ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुये कहा कि इस तरह का कार्यक्रम न केवल बच्चों को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से भी जोड़ते हैं. उन्होंने कहा कि बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. – विद्यालय एवं डाइट द्वारा प्रस्तुत किया गया प्रोजेक्ट – कार्यक्रम के अंतर्गत आंगनबाड़ी सहायिकाओं एवं जीविका दीदियों द्वारा समाहरणालय परिसर एवं कला भवन के समक्ष आकर्षक रंगोली बनाई गई, जो स्थानीय संस्कृति एवं परंपरा की झलक प्रस्तुत की. साथ ही कला भवन परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाये. जूनियर वैज्ञानिक आनंद विजय के नेतृत्व ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्कूल सिंहेश्वर मधेपुरा व जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान मधेपुरा द्वार वीर रक्षक, आटोमैटिक रेलवे क्रासिंग गेट, मेडिसिन रिमाइंडर, वेस्ट सेप्रेषण सिस्टम एवं आटोमेटका पार्किंग सिस्टम जैसे कई प्रोजेक्ट प्रदर्शनी में दिखाया गया. कार्यक्रम में सदर अस्पताल द्वार रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >