मधेपुरा. विधान परिषद् सदस्य डाॅ अजय कुमार सिंह ने राज्य सरकार द्वारा धान व गेहूं की खरीद के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बोनस को किसानों का अधिकार बताया. बिहार विधान परिषद् में तारांकित प्रश्न के माध्यम से सरकार से धान व गेहूं की खरीदारी पर बोनस देने की मांग की. उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में राज्य सरकार ने मंडी व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया और किसान फसल का बाजार मूल्य लेने में असमर्थ साबित हो रहे है. वे सरकार की वर्तमान व्यवस्था में बिचौलियों को उत्पादन बेचने को विवश है. अन्य राज्यों में धान और गेहूं की खरीदारी पर एमएसपी के साथ बोनस का प्रावधान है. अगर बिहार सरकार बोनस देती है तो राज्य के किसान को थोड़ी राहत मिलेगी. डाॅ सिंह ने बताया कि सदन में विभागीय मंत्री ने जवाब में बोनस देने को खारिज करते हुए कहा कि इस तरह का विचार सरकार नहीं रखती है, जबकि बिहार में किसान अनावृष्टि और अतिवृष्टि से परेशान है. सिंचाई की नहर सुविधा और खाद व बीज का उचित मूल्य पर उपलब्ध नहीं होने की मार झेलते हैं. विधान पार्षद ने राज्य सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि सरकार की कृषि योजनाऐं भी सिर्फ फाइलों में दौड़ती है.
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