ओपीडी का चिकित्सकों ने किया बहिष्कार, मरीजों को हुई परेशानी

ओपीडी का चिकित्सकों ने किया बहिष्कार, मरीजों को हुई परेशानी

मधेपुरा. बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के चिकित्सकों ने गुरुवार से 29 मार्च तक सभी सरकारी अस्पतालों का ओपीडी सेवा ठप कर दिया. इस कड़ी में सदर अस्पताल के ओपीडी का चिकित्सकों ने बहिष्कार किया. इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा. संघ के सदस्यों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत को पत्र लिखकर इसकी जानकारी पूर्व में दी थी. वही भासा मधेपुरा के अध्यक्ष डॉ महेश सिंह ने बताया था कि शिवहर, गोपालगंज व मधुबनी के डीएम ने बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर डॉक्टर का वेतन रोक दिया है. इसकी विरोध में डॉक्टरों ने ओपीडी का बहिष्कार किया. वहीं संघ की सुरक्षा, आवास ,पर्याप्त माव बल जिला में पोस्टिंग कार्य विधि निर्धारण इमरजेंसी में सातों दिन को 24 घंटे कार्य करने वाले डॉक्टरों की बायोमेट्रिक उपस्थिति की बाबत निर्देश जारी करने की मांगों पर कई सकारात्मक पहल नहीं हुई है. इसके कारण ओपीडी का बहिष्कार किया. उन्होंने बताया कि यदि सरकार डॉक्टरों की मांग पूरा नहीं करती है, तो संघ के डॉक्टरों ने कहा कि और कड़ा कदम उठाया जायेगा. दूसरी ओर सदर प्रखंड से आयी हुई प्रेमलता देवी ने बताया कि वो पिछले दो दिनों से पेट दर्द से परेशान है. सदर अस्पताल इलाज कराने आयी. हड़ताल के कारण इलाज नहीं हुआ. वहीं साहुगढ़ के निवासी बेचन यादव ने बताया कि उन्हें बुधवार के रात से सांस लेने में तकलीफ हो रही थी. डॉक्टर से दिखवाने आये तो देखा कि सदर अस्पताल में डॉक्टर नहीं है. इसके बाद मायूस होकर घर जाना पड़ा. वहीं सदर अस्पताल में इलाज करवाने पहुंचे सदर प्रखंड के सुखासन के निवासी दीनदयाल यादव ने बताया कि वह सदर अस्पताल के ओपीडी आए हुए थे.गला की समस्या का इलाज करवाने, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल के कारण उन्हें बिना इलाज के लौटना पड़ा.

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By Kumar ashish

कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.

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