माहवारी में न करें शर्म या संकोच बल्कि इसे समझें और जानें: सोनी

माहवारी एक स्वाभाविक जैविक प्रक्रिया है, जिसे शर्म या संकोच से नहीं देखना चाहिए,

छात्राओं को दी गई मासिक धर्म स्वच्छता की महत्वपूर्ण जानकारी- मुरलीगंज माहवारी स्वच्छता दिवस पर गुरुवार को राजकीयकृत अमारी उच्च विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. विद्यालय की शिक्षिका सोनी मिश्रा ने छात्राओं को ””मेंस्ट्रुअल हाइजीन मैनेजमेंट”” यानी मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी. शिक्षिका सोनी मिश्रा ने बताया कि किशोरावस्था में प्रवेश करने वाली बालिकाओं को मासिक धर्म संबंधी सही जानकारी और स्वच्छता के उपायों की जानकारी देना अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि माहवारी एक स्वाभाविक जैविक प्रक्रिया है, जिसे शर्म या संकोच से नहीं देखना चाहिए, बल्कि इससे जुड़ी स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं को समझना जरूरी है. उन्होंने सैनेटरी नैपकिन का सही उपयोग, उसके नियमित बदलाव, साफ-सफाई के तरीके, संक्रमण से बचाव के उपाय एवं पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों के बारे में भी बताया. छात्राओं को यह भी बताया गया कि मासिक धर्म के दौरान अस्वच्छता कई प्रकार के स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती है, जिनमें संक्रमण और प्रजनन संबंधी समस्याएं प्रमुख हैं. कार्यक्रम के अंत में छात्राओं के बीच निशुल्क सैनेटरी नैपकिन वितरित किए गए और उनके प्रश्नों का उत्तर भी शिक्षिका द्वारा दिया गया. इस पहल से विद्यालय में पढ़ रही अनेक छात्राओं को न सिर्फ जागरूकता मिली, बल्कि उनमें आत्मविश्वास भी दिखा. विद्यालय प्रधानाचार्य अरुण कुमार व विज्ञान शिक्षक सुनील कुमार ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बालिकाओं के मानसिक और शारीरिक विकास में सकारात्मक भूमिका निभाते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Kumar Ashish

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >