बाबा नगरी सिंहेश्वर स्थान मंदिर प्रांगण स्थित सामुदायिक भवन में सनातन बोर्ड परिषद की आयोजित की गयी. इसमें मुख्य रूप से सनातन बोर्ड के उद्देश्यों, हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना और हमारी गौरवशाली सनातन संस्कृति को पुनर्जीवित करने पर गहन चर्चा हुई. हिंदू संस्कृति का महत्व और भावी रणनीति बैठक में वक्ताओं ने हिंदू संस्कृति के वैज्ञानिक महत्व, नैतिक मूल्यों और संस्कारों पर विशेष प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव के कारण आज की युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से दूर हो रही है. हमारी संस्कृति केवल पूजा- पाठ तक सीमित नहीं है. बल्कि यह जीवन जीने की एक सर्वोत्तम कला है. सनातन बोर्ड का मुख्य उद्देश्य देश के हिंदू धार्मिक स्थलों और संपत्तियों का संरक्षण करने के साथ- साथ हमारी प्राचीन धरोहर, रामायण- गीता के संदेशों और गुरुकुल परंपरा को वापस लाना है. बैठक में इस बात पर रणनीति बनी कि कैसे जमीनी स्तर पर लोगों को एकजुट कर हिंदुओं को जगाया जाए और हर घर तक अपनी मूल संस्कृति को पहुंचाया जाये. दिग्गज नेताओं और संतों की गरिमामयी उपस्थितिइस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय प्रभारी अनुशासन समिति सह संगठन महामंत्री (बिहार) देवानन्द मिश्र सुमन उपस्थित रहे. विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश कोऑर्डिनेटर व वर्तमान एमएलसी लालमोहन गुप्ता जी, प्रदेश कोऑर्डिनेटर सह संगठन मंत्री पंडित मुनचुन झा ने कहा सनातन बोर्ड सोशल मीडिया पर कुरीति के खिलाफ चलाएगा अभियान तथा सभ्यता संस्कृति अच्छा हो उसपर अभियान चलेगा. मौके पर विजय गुप्ता, सुलेखा देवी, रूपेश चौधरी, पूजा चौधरी, केशव जी, राहुल शांडिल, प्रमोद महतो, विमल जी, सत्यम मंडल और शंभूनाथ झा शामिल हुए.
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