पार्वती विज्ञान महाविद्यालय में वनस्पति शास्त्र विभाग में सेमिनार का आयोजन सोमवार को किया गया, जिसकी अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ राजीव जोशी ने की. सेमिनार का विषय दैनिक जीवन में जल का महत्व (रोल ऑफ वॉटर इन डेली लाइफ) पर शिक्षक ने प्रकाश डाला. महाविद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ मीना कुमारी ने छात्रों से अपील किया कि नियमित रूप से महाविद्यालय आकर अनुशासित होकर पठन पाठन करें और सीबीसीएस के नियमावली के अनुसार पाठ्यक्रम पूरा करें. अंग्रेजी के विभागाध्यक्ष डॉ नीलाकांत यादव, भूगोल विभाग के डॉ राजेश कुमार सिंह, समाजशास्त्र विभाग के डॉ सुनील कुमार, वनस्पति विभाग के डॉ अजय कुमार, डॉ उमाशंकर प्रसाद उदय, जंतु विज्ञान के डॉ कृष्ण कुमार आदि ने दैनिक जीवन में जल की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उत्तर बिहार का क्षेत्र देश स्तर पर सबसे ज्यादा जल का क्षेत्र माना जाता है, लेकिन इसी क्षेत्र के लोग सबसे ज्यादा दूषित जल पीने को मजबूर हैं, आये दिन पृथ्वी पर पौधा के काटने एवं अन्य कारणों से जल का स्तर नीचे जा रहा है, जिससे जल का संकट उत्पन्न होने की खतरा बनी रहती हैं. तमिलनाड़ू जैसे राज्य में प्रत्येक व्यक्ति को मकान बनाने का सरकार द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने से पहले जल संरक्षण का भी उपाय तैयार किया जाता है उसी प्रकार सभी राज्य में इस नियम का पालन भारत सरकार को कराने पर जोर डालना चाहिये. विभिन्न तरह से जल को संरक्षित करने पर वक्ताओं ने बातों को रखा. सेमिनार में छात्र शिवम, आशीष, अमृत, सुमित, भावेश, खुशी भार्गव, कशिश प्रवीण, शाहीन, आयशा प्रवीण, सोनम, रानी, संगीता, रिया, गुड़िया मरांडी आदि ने विषय वस्तु पर पेजेंटेशन दिया . कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ अजय कुमार ने किया.