मधेपुरा शहर इन दिनों धूल की गंभीर समस्या से जूझ रहा है. मुख्य सड़कों से लेकर मोहल्लों की गलियों तक उड़ रही धूल आम लोगों, दुकानदारों और राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बन गई है. स्थानीय लोगों ने इसके लिए नगर परिषद की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए नियमित सफाई और पानी के छिड़काव की मांग की है.
मुख्य सड़कों पर उड़ रही धूल
कॉलेज चौक, थाना चौक, बस स्टैंड रोड, गौशाला चौक सहित शहर के कई इलाकों में सड़कों पर धूल की मोटी परत जमी हुई है. कई जगह सड़कें जर्जर होने के कारण वाहनों के गुजरते ही धूल का गुबार उठने लगता है. लोगों का कहना है कि लंबे समय से न तो सड़कों की नियमित सफाई हो रही है और न ही पानी का छिड़काव किया जा रहा है.
दुकानदार और राहगीर सबसे अधिक प्रभावित
दुकानदारों का कहना है कि दुकानों में रखे सामान पर लगातार धूल जम रही है, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है. वहीं पैदल चलने वाले, बाइक और साइकिल सवारों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार लगातार धूल के संपर्क में रहने से अस्थमा, एलर्जी, खांसी और आंखों के संक्रमण जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. मौसम में बदलाव के बीच यह समस्या लोगों के स्वास्थ्य पर अतिरिक्त असर डाल रही है.
नगर परिषद से ठोस कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने नगर परिषद से नियमित सफाई, पानी का छिड़काव और धूल नियंत्रण के लिए प्रभावी योजना लागू करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्रवाई की जरूरत है.
