मधेपुरा. सांसद दिनेश चंद्र यादव की अध्यक्षता में सोमवार को सड़क सुरक्षा समिति की त्रैमासिक बैठक हुई. मौके पर विधायक निरंजन कुमार मेहता, जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह, नगर परिषद अध्यक्ष कविता साह आदि मौजूद थे. सांसद ने जिले में सड़क सुरक्षा के क्रियाकलापों व सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों की निगरानी, सड़क दुर्घटना के कारणों को पहचानना और उसका अध्ययन पर चर्चा की. वहीं ब्लैक स्पॉटों की पहचान तथा सुधार से संबंधित कार्य, निगरानी तथा समाधान, 4-ई के कार्य अर्थात शिक्षा, प्रवर्त्तन, आपातकालीन देखभाल और इंजीनियरिंग के क्रियान्वयन, गति सीमा और यातायात को सुचारू बनाने के उपायों को लेकर निर्देश दिये. जिले में व्यक्तियों को प्रेरित करने के लिए कार्य-नीतियां बनाने तथा जिले में सड़क सुरक्षा अभियान को बढ़ावा देने पर विचार -विमर्श किया. सांसद ने सड़क सुरक्षा के सुदृढ़ीकरण के लिए संसद सदस्य सड़क सुरक्षा समिति की अगली बैठक में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंताओं को भी सम्मिलित करने का निर्देश दिया. बैठक में प्रतिनिधिगण तथा सदस्यों द्वारा दुर्घटनाग्रस्त मार्गों व ब्लैक स्पॉटों की जानकारी देते हुए सूची में सम्मिलित करने का निर्णय लिया गया. साथ ही सभी चिन्हित ब्लैक स्पॉटों पर सड़क सुरक्षा मानक के अनुरूप कार्य करने का निर्देश संबंधित अभियंता को दिया. एनएच 107 व 106 के निर्माण कार्य में अपेक्षित प्रगति लाने के साथ-साथ सुरक्षा मानक यथा-रंबल स्ट्रिप, रोड मार्किंग, साइनेज, रिफ्लेकटर, कैट आई आदि लगाने संबंधित कार्रवाई करने का निर्देश दिया . राज्य मार्गों पर भी सड़क सुरक्षा मानकों का कार्य करने का निर्देश कार्यपालक अभियंता, को दिया गया. इसके अलावा हिट एंड रन मामले में मुआवजा संबंधित कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया. वहीं लंबित मामलों को त्वरित रूप से निष्पादित करने का निर्देश दिया. बैठक में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों पर नियमानुसार कार्रवाई करने व चौक-चौराहों पर स्पेशल ड्राइव आयोजित करने का निर्देश दिया. इसके साथ ही सड़क सुरक्षा समिति के मूल उद्देश्य जनता की सुरक्षा व दुर्घटनाओं पर नियंत्रण हेतु स्पीडिंग, ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग, रैश ड्राइविंग, हेलमेट व सीट बेल्ट का प्रयोग,वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग वर्जित आदि सड़क सुरक्षा के मानक नियमों के संबंध में लगातार अभियान चलाने तथा लोगों के बीच अधिक से अधिक जानकारी का प्रचार-प्रसार कराने के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक यातायात, मोटरयान निरीक्षक, प्रवर्तन निरीक्षक व प्रवर्तन अवर निरीक्षक को निर्देश दिया. वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी को छात्र-छात्राओं के बीच सड़क सुरक्षा व यातायात नियम के अनुपालन संबंधित जन जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया. एंबुलेंस की सुविधा दुरुस्त रखने, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, गोल्डन आवर में ससमय उपचार करने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तथा ट्रॉमा सेंटर को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया.
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