बीपी मंडल जयंती पर इंजीनियरिंग कॉलेज में गूंजा सामाजिक न्याय का संदेश, छात्रों ने दी श्रद्धांजलि

बीपी मंडल की 108वीं जयंती के उपलक्ष्य में सिंहेश्वर स्थित बीपी मंडल अभियंत्रण महाविद्यालय में एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान छात्रों को बीपी मंडल के सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए किए गए कार्यों से अवगत कराया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति छात्रों को जागरूक करना रहा.

BP Mandal Jayanti: मधेपुरा में बीपी मंडल की 108वीं जयंती पर सिंहेश्वर स्थित बीपी मंडल अभियंत्रण महाविद्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया. प्राचार्य, शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राओं ने बीपी मंडल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके योगदान को याद किया.

कार्यक्रम में बीपी मंडल के राजनीतिक जीवन के साथ सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए किए गए उनके काम को विद्यार्थियों के सामने रखा गया. कॉलेज प्रशासन ने कहा कि बीपी मंडल के नाम पर स्थापित संस्थान के लिए उनकी विचारधारा और सामाजिक सरोकार को समझना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

पुष्पांजलि से हुई कार्यक्रम की शुरुआत

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अरबिंद कुमार अमर के साथ शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे. सभी ने बीपी मंडल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की.

इस दौरान बीपी मंडल के जीवन और उनके सामाजिक योगदान को याद किया गया. वक्ताओं ने कहा कि उनका जीवन समानता और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष की प्रेरणा देता है.

मंडल आयोग के अध्यक्ष के रूप में योगदान को किया याद

प्राचार्य प्रो. अरबिंद कुमार अमर ने कहा कि बीपी मंडल बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और सामाजिक न्याय के प्रबल समर्थक थे.

उन्होंने कहा कि मंडल आयोग के अध्यक्ष के रूप में पिछड़े वर्गों के अधिकारों और समान अवसर के लिए बीपी मंडल का योगदान ऐतिहासिक रहा. उनकी भूमिका ने देश में सामाजिक प्रतिनिधित्व और समान अवसर को लेकर व्यापक विमर्श को दिशा दी.

प्राचार्य ने कहा कि बीपी मंडल के नाम पर स्थापित यह महाविद्यालय उनके विचारों और आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है.

तकनीकी शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर

महाविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी प्रो. उत्तम कुमार ने कहा कि बीपी मंडल का जीवन सामाजिक न्याय, समानता और वंचित वर्गों के उत्थान की प्रेरणा देता है.

उन्होंने कहा कि महाविद्यालय परिवार बीपी मंडल के आदर्शों को आत्मसात करने का प्रयास कर रहा है. विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा देने के साथ उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना भी संस्थान की प्राथमिकताओं में शामिल है.

BP Mandal Jayanti: छात्रों के लिए बीपी मंडल की विरासत का क्या मतलब?

बीपी मंडल की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि उनकी विरासत को केवल राजनीतिक इतिहास तक सीमित नहीं रखा गया.

इंजीनियरिंग जैसे तकनीकी संस्थान में विद्यार्थियों को सामाजिक न्याय, समान अवसर और समाज के वंचित वर्गों के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ना इस आयोजन का संदेश रहा.

महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार के लिए कौशल विकसित करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है. इसी दृष्टि से बीपी मंडल के विचारों को विद्यार्थियों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.

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लेखक के बारे में

By सुशांत कुमार

सुशांत कुमार प्रिंट माध्यम में 10 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सिंहेश्वर (मधेपुरा) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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