Sawan 2026: सावन के पहले अवसर पर बांका के तिलक नगर में श्रद्धालुओं और कांवरियों की सेवा के लिए एक बार फिर बोल बम सेवा समिति चैरिटेबल ट्रस्ट, पुरैनी (मधेपुरा) ने अपना निःशुल्क सेवा शिविर शुरू कर दिया. करीब दो दशक से लगातार चल रही इस सेवा परंपरा का गुरुवार को भव्य उद्घाटन किया गया. उद्घाटन के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल दिखा और समिति के सदस्यों ने भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की.
दो दशक से कांवरियों की सेवा में जुटी समिति
बोल बम सेवा समिति चैरिटेबल ट्रस्ट, पुरैनी की ओर से यह निःशुल्क सेवा शिविर तिलक नगर, बांका में लगाया गया है. समिति के पदाधिकारियों के अनुसार यह शिविर पिछले करीब 20 वर्षों से सावन माह में लगातार लगाया जा रहा है. इसका उद्देश्य सुल्तानगंज से देवघर जाने वाले कांवरियों और अन्य श्रद्धालुओं को निःशुल्क पेयजल, विश्राम और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है.
शिव प्रकाश गाड़ोदिया ने किया उद्घाटन
सेवा शिविर का उद्घाटन समिति के सक्रिय कार्यकर्ता शिव प्रकाश गाड़ोदिया (मुरलीगंज) ने फीता काटकर किया. उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय लोग और समिति के सदस्य मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में बोल बम और हर हर महादेव के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा.
इन पदाधिकारियों ने निभाई अहम भूमिका
शिविर के सफल आयोजन में समिति के अध्यक्ष बजरंग लाल सर्राफ, उपाध्यक्ष महेश सर्राफ, उपसचिव विकास आनंद और राकेश केडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही. वहीं सक्रिय कार्यकर्ताओं में डब्बू, नारायण, विलाश, गौरव, पिंटू, विजय प्रकाश, राजकुमार जी, मिक्कू सहित अन्य सभी सदस्यों ने शिविर संचालन और व्यवस्थाओं में सहयोग किया.
श्रद्धालुओं को मिलेगी निःशुल्क सुविधा
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि सावन के दौरान कांवर यात्रा पर निकलने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शिविर में निःशुल्क पेयजल, विश्राम स्थल और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के सहयोग से यह सेवा अभियान वर्षों से निरंतर जारी है और आगे भी इसी भावना के साथ चलता रहेगा.
Sawan 2026: भोलेनाथ की आराधना के साथ सेवा का संकल्प
उद्घाटन समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना की और समाज में शांति, समृद्धि तथा आपसी सहयोग की भावना बनी रहने की कामना की. समिति के सदस्यों ने कहा कि सेवा ही शिव की सच्ची आराधना है और सावन माह में कांवरियों की निःस्वार्थ सेवा करना उनके लिए सौभाग्य की बात है.
