आरएसएस कार्यक्रम के विरोध में बीएनएमयू परिसर में हंगामा, एनएसयूआई-आइसा समेत कई छात्र नेता हिरासत में

भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू) के नार्थ कैंपस में आरएसएस के कार्यक्रम के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच जमकर हंगामा हुआ. छात्र संगठनों ने कार्यक्रम का विरोध किया, जिसके चलते पुलिस ने कई छात्र नेताओं को हिरासत में ले लिया.

BNMU Campus Protest: भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू) के नार्थ कैंपस में आयोजित आरएसएस के कार्यक्रम को लेकर शनिवार को जमकर हंगामा हुआ. कार्यक्रम का विरोध करने पहुंचे छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने मुख्य द्वार पर ही रोक दिया. विरोध प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी और पुलिस से बहस के बाद कई छात्र नेताओं को हिरासत में लिया गया. परिसर में पूरे दिन तनावपूर्ण स्थिति बनी रही.

आरएसएस कार्यक्रम के विरोध में पहुंचे छात्र संगठन

जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय के नार्थ कैंपस में "राष्ट्र निर्माण में प्राध्यापकों की भूमिका" विषय पर आरएसएस का कार्यक्रम आयोजित था. कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ रहे एनएसयूआई, आइसा, भीम आर्मी और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने मुख्य द्वार पर रोक दिया. इसके बाद छात्र नेताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया.

नार्थ कैंपस से पांच छात्र नेता हिरासत में

पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव, आइसा के जिला सचिव पावेल कुमार, विश्वविद्यालय सचिव साजन कुमार, जिला सचिव सुदर्शन कुमार तथा प्रखंड संयोजक आशीष कुमार को हिरासत में लेकर थाना भेज दिया.

प्रशासनिक परिसर से सात और नेताओं को लिया गया कस्टडी में

नार्थ कैंपस के अलावा विश्वविद्यालय के प्रशासनिक परिसर में भी प्रदर्शन हुआ. यहां कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे सात अन्य नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया. इनमें पूर्व राष्ट्रीय संयोजक एनएसयूआई मनीष कुमार, भीम आर्मी के विश्वविद्यालय अध्यक्ष बिट्टू रावण, आइसा के विश्वविद्यालय अध्यक्ष अरमान अली, युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव लक्ष्मण झा, निरंजन यादव, बंटी झा और भीम आर्मी के कुंदन आजाद शामिल हैं.

कुलपति कार्यक्रम में नहीं पहुंचे

BNMU Campus Protest: कार्यक्रम में आरएसएस के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. डॉ. विमलेंदु शेखर झा को करनी थी, लेकिन विरोध प्रदर्शन और विवाद के बीच वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए. उनकी जगह कुलसचिव प्रो. डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कार्यक्रम में भाग लिया. सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पूरे परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी.

छात्र नेताओं ने जताया विरोध

हिरासत में लिए गए छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय परिसर को किसी विशेष वैचारिक संगठन का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए. एनएसयूआई के निशांत यादव ने कहा कि मधेपुरा सामाजिक न्याय और छात्र आंदोलनों की भूमि रही है. वहीं आइसा के पावेल कुमार ने विश्वविद्यालय की निष्पक्षता बनाए रखने की बात कही. अन्य नेताओं ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए.

देर शाम सभी को किया गया रिहा

पुलिस ने हिरासत में लिए गए सभी छात्र नेताओं को सदर थाना ले जाकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की. देर शाम कागजी कार्रवाई के बाद सभी को छोड़ दिया गया. घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में दिनभर राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में चर्चा का माहौल बना रहा.


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लेखक के बारे में

By कुमार आशीष

कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.

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