बीएनएमयू स्थापना काल से लेकर अद्यतन 33 वर्षों में बढ़ा है आगे : प्राचार्य

बीएनएमयू स्थापना काल से लेकर अद्यतन 33 वर्षों में बढ़ा है आगे : प्राचार्य

प्रतिनिधि, मधेपुरा भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर ऑनलाइन परिचर्चा का आयोजन किया गया. समाजसेवी-साहित्यकार प्रो भूपेंद्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि भूपेंद्र नारायण मंडल देश के जाने-माने समाजवादी विचारक थे. उनके नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना हमारे लिए गौरव की बात है. उन्होंने बताया कि भूपेंद नारायण मंडल की स्मृतियों को सुरक्षित रखने के लिए पहले कॉलेज चौक तथा फिर विश्वविद्यालय परिसर में उनकी प्रतिमा लगायी गयी थी. आगे विभिन्न लोगों के प्रयासों से विश्वविद्यालय की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ. वर्ष 1992 में हुई थी विश्वविद्यालय की स्थापना प्राचीन इतिहास व संस्कृति विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो ललन प्रसाद अद्री ने कहा कि मधेपुरा जिला की स्थापना डाॅ जगन्नाथ मिश्र के कार्यकाल में वर्ष 1981 में हुई. इसके 11 वर्ष बाद 1992 में विश्वविद्यालय का निर्माण लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल में हुआ है. डाॅ रवि विचार मंच के संयोजक सह कुलपति के निजी सहायक शंभू नारायण यादव ने कहा कि बीएनएमयू की स्थापना 10 जनवरी 1992 को तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की सरकार द्वारा की गयी थी. ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय मधेपुरा के तत्कालीन प्राचार्य प्रो रमेंद्र कुमार यादव रवि को बीएनएमयू का संस्थापक कुलपति होने का गौरव प्राप्त हुआ था. हमसबों को मिलकर विश्वविद्यालय के विकास के लिए करना है कार्य महाविद्यालय प्राचार्य प्रो कैलाश प्रसाद यादव ने कहा कि बीएनएमयू स्थापना काल से लेकर अद्यतन 33 वर्षों में आगे बढ़ा है. इसमें प्रथम कुलपति प्रो रमेंद्र कुमार यादव रवि से लेकर वर्तमान कुलपति प्रो विमलेंदु शेखर झा तक की भूमिका रही है. उन्होंने बताया कि स्थापना के समय इस विश्वविद्यालय का कार्य क्षेत्र कोसी व सीमांचल के सात जिलों में फैला था, लेकिन 18 मार्च 2018 से पूर्णिया विश्वविद्यालय अलग हो गया है. अब बीएनएमयू मधेपुरा, सहरसा व सुपौल तीन जिलों में फैला है. दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डाॅ सुधांशु शेखर ने कहा कि हमसबों को मिलकर विश्वविद्यालय के विकास के लिए कार्य करना है. हम सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को सही ढंग से निभायेंगे, तो बीएनएमयू आगे बढ़े. मौके पर डाॅ शहरयार अहमद, डाॅ कुमार ऋषभ, विद्यानंद यादव, डाॅ दिलीप कुमार दिल, डाॅ श्याम प्रिया, शोधार्थी सौरभ कुमार चौहान व रतन कुमार मिश्र आदि उपस्थित थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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