Madhepura News: मधेपुरा. मुरलीगंज के बलुआ पुल के पास कोसी नदी में बढ़ते कटाव ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. मंगलवार को जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन ने रेलवे ढाला से पहले कटाव प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और हालात का जायजा लेने के बाद संबंधित अधिकारियों तथा एनएचएआई की कार्य एजेंसी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए.
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य के दौरान आसपास से मिट्टी की कटाई होने के कारण कोसी नदी की धारा प्रभावित हुई है. इससे नदी का प्रवाह बदलने लगा है और कटाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है.
बिजली के पोल पर मंडरा रहा खतरा
कटाव के कारण 33 हजार मुरलीगंज विद्युत लाइन के पोल पर संभावित खतरा उत्पन्न होने की आशंका जताई गई है. डीएम ने कहा कि यदि समय रहते सुरक्षात्मक कार्य नहीं किया गया, तो विद्युत आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और बड़ी क्षति की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
उन्होंने एनएचएआई की कार्य एजेंसी को निर्देश दिया कि विद्युत अवसंरचना की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कटाव-निरोधी और सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए जाएं. विशेष रूप से विद्युत पोलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया.
प्राथमिकता के आधार पर शुरू होगा कार्य
डीएम अभिषेक रंजन ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी. उन्होंने संबंधित एजेंसी को प्राथमिकता के आधार पर कार्य प्रारंभ करने का निर्देश दिया, ताकि भविष्य में कटाव के कारण बिजली के खंभों या अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचे.
विद्युत विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान बताया कि पोल की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है.
कोसी की धारा पर रखी जाएगी लगातार नजर
जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ स्थिति की सतत निगरानी करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि कोसी नदी के जलस्तर और धारा में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
उन्होंने यह भी कहा कि जनजीवन और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी विभाग संभावित आपदा से निपटने के लिए पहले से तैयार रहें.
Madhepura News: स्थानीय लोगों को सतर्क करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया कि कटाव प्रभावित क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों को भी सतर्क किया जाए. यदि स्थिति में किसी प्रकार का बदलाव होता है, तो इसकी सूचना तुरंत जिला नियंत्रण कक्ष को दी जाए.
इस निरीक्षण के दौरान विद्युत कार्यपालक अभियंता, गोपनीय प्रभारी पदाधिकारी, संबंधित अभियंता और अन्य विभागीय कर्मी उपस्थित रहे.
कोसी नदी के बदलते प्रवाह और कटाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन अब इस क्षेत्र में लगातार निगरानी और त्वरित कार्रवाई की रणनीति पर काम कर रहा है, ताकि संभावित नुकसान को समय रहते रोका जा सके.
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