मधेपुरा जिला समाहरणालय स्थित न्यू एनआईसी हॉल में शनिवार को जिलाधिकारी अभिषेक रंजन की अध्यक्षता में आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण से संबंधित कार्यों की समीक्षात्मक बैठक हुई. इसमें आईसीडीएस, शिक्षा, राजस्व और मनरेगा विभाग के पदाधिकारियों के साथ निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवनों, जमीन की उपलब्धता और निर्माण में आ रही बाधाओं की समीक्षा की गयी.
विवादित जमीन का होगा संयुक्त निरीक्षण
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने भूमि का अनापत्ति प्रमाण-पत्र, विवादित और अतिक्रमित जमीन समेत लंबित मामलों की जानकारी ली. उन्होंने सभी सीडीपीओ, मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारियों और अंचलाधिकारियों को विवादित भूमि का संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया. एनओसी प्राप्त जमीन पर भवन निर्माण में तेजी लाने को भी कहा गया.
स्कूलों की जमीन का जल्द मिले एनओसी
जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को विद्यालयों में आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण के लिए चिन्हित जमीन का एनओसी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. इससे विद्यालय परिसर में प्रस्तावित आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण का रास्ता साफ हो सकेगा.
आंगनबाड़ी बच्चों को स्कूल का अनुभव मिलेगा
डीएम ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को निकटवर्ती प्राथमिक विद्यालय की कक्षा-1 के शिक्षक या शिक्षिका से टैग करने का निर्देश दिया. सप्ताह में कम से कम एक दिन शिक्षक की सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा गया. साथ ही 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के पंजीकृत बच्चों का वर्ष में दो बार स्कूल एक्सपोजर विजिट कराने का निर्देश सीडीपीओ को दिया गया, ताकि बच्चे पहले से विद्यालयी वातावरण से परिचित हो सकें.
17 सितंबर से शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान
बैठक में सेवा संकल्प अभियान को लेकर भी दिशा-निर्देश दिये गये. 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले अभियान के तहत निर्धारित गतिविधियों का प्रभावी आयोजन कराने और उनकी प्रविष्टि पोर्टल पर समय से करने को कहा गया.
कायाकल्प अभियान में बदलेगी केंद्रों की तस्वीर
कायाकल्प अभियान के तहत मरम्मत और रंग-रोगन योग्य आंगनबाड़ी केंद्रों को चिह्नित कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. वहीं नये आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए उपयुक्त जमीन चिह्नित कर उसे ग्राम सभा से पारित कराने को कहा गया.
भवन नहीं, बच्चों के विकास का केंद्र बनें आंगनबाड़ी
जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों का उद्देश्य केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए. इन केंद्रों को बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए.
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा, सभी अंचलाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, कार्यक्रम पदाधिकारी और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.
