बड़े भाग्य से मिलता है मनुष्य का तन, सत्कर्मों में ही करें उपयोग: विस उपाध्यक्ष

बड़े भाग्य से मिलता है मनुष्य का तन, सत्कर्मों में ही करें उपयोग: विस उपाध्यक्ष

पुरैनी . कड़ामा गांव स्थित मां काली व विषहरा मंदिर परिसर में नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का सोमवार से शुरू हो गया. कथा से पूर्व कलश शोभायात्रा निकाली गयी, जो पूरे गांव का भ्रमण कर जय श्रीकृष्णा जय श्रीराधे व अन्य देवी-देवताओं के जयकारे लगाते हुए पुन: यज्ञस्थल पर पहुंची. श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का उद्घाटन बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष सह विधायक नरेंद्र नारायण यादव ने किया. विस उपाध्यक्ष ने कहा कि बहुत भाग्य से ही मनुष्य का तन प्राप्त होता है. इस तन को हमेशा सत्कर्मों में लगाना चाहिए, परोपकार में लगाना चाहिए, क्योंकि परोपकारी मनुष्य जीवन में सदैव खुश रहता है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हम अपने साधु संतों को भूलते जा रहे हैं. यह ठीक नहीं है. उन्होंने संत कबीर के कुछ दोहे और कुछ कहानियों के माध्यम से लोगों को धर्म में विश्वास रखने साधु संतों का सम्मान करने को जागरूक किया. भागवत का ज्ञान सबके लिए आवश्यक कथा व्यास श्यामा किशोरी ने कहा कि अगर मनुष्य को भागवत का ज्ञान अर्जित हो जाए तो उसके मुश्किलों से भरे जीवन के सभी प्रश्नों का उत्तर अवश्य मिल जायेगा. भागवत कथा का आयोजन ही किसी भी गांव के लिए बड़े ही सौभाग्य की बात होती है. अगर भागवत कथा में श्रीकृष्ण द्वारा दिए गए ज्ञान को मनुष्य अपने जीवन में उतारता है तो वह सदाचार के मार्ग पर बढ़ते हुए लक्ष्य तक पहुंचता है. कथा ज्ञानयज्ञ में राम कथा के विद्वान रंजन दास जी महाराज, निलेशानंद जी महाराज, कुंदन आचार्य, राजीव रंजन, भगवान भारती आदि मौजूद थे.

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By Kumar Ashish

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