चौसा : चौसा मुख्यालय स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में गुरुवार को रुपये निकालने आयी एक महिला भारी भीड़ व गरमी की वजह से बेहोश हो कर गिर पड़ी. इससे लाइन में खड़े अन्य लोगों में हड़कंप सा मच गया. बैंक की व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण लोगों में आक्रोश है. जानकारी के अनुसार चौसा स्थित यह भारतीय स्टेट बैंक इस सीमावर्ती इलाके की इकलौती शाखा है. पिछड़ा व गरीब इलाका होने की वजह से यहां के ज्यादातर लोग अपनी रोजी-रोटी के वास्ते घर से बाहर ही रहते हैं.
पंजाब-दिल्ली आदि से बैंक खातों के माध्यम से रुपये भेजा करते हैं. लिहाजा रुपये निकालने के लिए इस शाखा में अपेक्षाकृत महिलाओं की भीड़ ज्यादा होती है. महिलाओं की भीड़ के मद्देनजर आज तक बैंक प्रशासन की ओर से अलग से कोई उपाय नहीं किये गये हैं. भीड़ का आलम यह है कि बैंक के काउंटर से शुरू हुई खाताधारकों की लाइन बैंक की सीढ़ी से उतरते हुए सड़कों तक पहुंच जाती है. चिंताजनक बात तो यह है कि गांवों की कम पढ़ी लिखी या अंगूठा लगाने वाली महिला खाताधारकों से बिचौलियों द्वारा ठगी भी की जाती है. सुमिया देवी, कारी देवी, ललिता देवी, असरून खातुन, लालो देवी,
अभिलाषा देवी, श्याराम यादव, योगेंद्र मंडल, कैलाश सिंह, भरत पंडित, शंतोष कुमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि रुपये निकासी व जमा करने के लिए अतिरिक्त काउंटर की आवश्यकता है. बैंक परिसर हॉल में बहुत ही कम जगह होने की वजह से हमलोगों को बाहर ही प्रचंड धूप में दिन-दिन भर यूं खड़े रहकर भूखे-प्यासे ही अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है. गुरुवार को लौआलगान की एक महिला ग्राहक सबिता देवी पति ओमप्रकाश सिंह गिर कर बेहोश हो गयी. पीड़ित सबिता देवी पिछले कई दिनों से रुपये निकालने को बैंकों की चक्कर काट रही हैं. भारतीय स्टेट बैंक चौसा की इस शाखा में पहले भी कई बार भीड़ और परेशानी की वजह से अब तक दर्जनों महिला बेहोश हो गिर चुकी हैं.
