विरोध . मधेपुरा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धरना-प्रदर्शन हुआ उग्र
जिले मेें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन उग्र हो गया है. सोमवार को सेविकाओं व सहायिकाओं ने समाहरणालय के समक्ष यातायात ठप करते हुए थाली पीट कर प्रदर्शन किया. पूर्व निर्धारित जेल भरो अंदोलन के तहत 2335 सेविका-सहायिकाओं ने गिरफ्तारी दी.
मधेपुरा : 24 मार्च से अपने मांगों को लेकर संघर्षरत आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका ने संघर्ष को तेवर देते हुए सोमवार को समाहरणालय के समक्ष यातायात ठप करते हुए थाली पीट कर प्रदर्शन किया. आक्रोशित आंगनबाड़ी सेविकाएं समाहरणालय के गेट पर चढ़ कर गेट को तोड़ने पर अमादा थी. पूर्व निर्धारित जेल भरो अंदोलन के तहत 2335 सेविका-सहायिकाओं ने गिरफ्तारी दी.
सोमवार को कला भवन के समक्ष सेविकाओं व सहायिकाओं की जबरदश्त भीड़ जमा हुई. वहां से जुलूस की शक्ल में मधेपुरा के मुख्य मार्ग पर घूम कर नारेबाजी करते हुए समाहरणालय के समक्ष पहुंची. हाथ में झाड़ू, थाली समेत अन्य सामान लेकर बजाते हुए इस प्रदर्शन को देख सभी अचंभित थे. जिलाध्यक्ष पल्लवी कुमारी ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं से सरकार कर्मचारी से भी अधिक कार्य ले रही है. बावजूद इन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की बात तो दूर दैनिक मजदूर को मिलने वाली न्यूनतम मजदूरी के समान भी मानदेय राशि नहीं दिया जाता है. जब तक सरकार हमारी मांग को पुरा नहीं करेगी.
तब तक हड़ताल व आंदोलन जारी रहेगा. सेविकाओं नें लोकगीत के माध्यम से भी अपनी मांगों व पीड़ा का बखान किया. आंदोलनरत सेविका सहायिकाओं ने कहा कि जेल की कालकोठरी भी अब उनके हौसले को डिगा नहीं सकती. एटक के प्रदेश नेता प्रमोद प्रभाकर ने केंद्र व राज्य सरकार को संवेदनहीन करार देते कहा तीन हजार रूपये मानदेय भारतीय संविधान एवं मानवाधिकार का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन है. उन्होंने कहा जब तक मांगेपूरी नहीं होगी. तब तक आंगनबाड़ी केंद्र नहीं खुलेगी. इस दौरान डा धीरेंद्र यादव, रंजीत कुमार सिंह, जिला उपाध्यक्ष रघुनंदन दास आदि लोगों ने किया समर्थन
क्या हैं मांगें . 6 सूत्री मांगों में आंगनबाड़ी सेविका – सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने सहित सेविका को क्लास तीन एवं सहायिका को क्लास फोर कर्मी के रूप में समायोजित करने, गोवा तेलंगाना की भांति सात हजार सेविका और 4500 सहायिका को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने, जबतक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलता सेविका को 18 हजार एवं सहायिका को 10 हजार रूपया मानदेय देने, स्वास्थ्य चिकित्सा सुविधा एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा सुविधा देने,
सेवानिवृति की उम्र सीमा 60 से 65 करने, सेवानिवृति के पश्चात पांच हजार मासिक पेंशन या एक मुश्त पांच लाख देने, जबतक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलता चुनाव लड़ने पर रोक एवं अन्य सुविधाओं पर से रोक हटाने, मिनी आंगनबाड़ी सेविकाओं को समान मानदेय देने, सेविका को सुपरवाईजर व सहायिका को सेविका में प्रमोशन देने, आंगनबाड़ी मार्गदर्शिका में नियमानुकुल आवष्यक संषोधन करने, अवैध ढंग से चयन रद्द करने, सेवानिवृत्ति,पेंशन, ग्रेट्यूटि और प्रोविडेंट फंड सहित सभी सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने सहित अन्य मांग शामिल हैं.
