न ही स्कूल और न ही संकुल पहुंच रहे हैं शिक्षक,प्रतिनियुक्ति की आड़ में अघोषित छुट्टी

मधेपुरा : सदर प्रखंड में 16 संकुल है. हर संकुल किसी बेहतर विद्यालय भवन में ही स्थापित है. शिक्षा विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 27 मार्च से सात अप्रैल तक हर संकुल में वर्ग एक से आठ तक के बच्चों की कॉपी का वार्षिक मूल्यांकन होना तय है. मूल्यांकन कार्य में भाग लेने के […]

मधेपुरा : सदर प्रखंड में 16 संकुल है. हर संकुल किसी बेहतर विद्यालय भवन में ही स्थापित है. शिक्षा विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 27 मार्च से सात अप्रैल तक हर संकुल में वर्ग एक से आठ तक के बच्चों की कॉपी का वार्षिक मूल्यांकन होना तय है. मूल्यांकन कार्य में भाग लेने के लिए लगभग हर विद्यालय से दो से तीन शिक्षक भी विरमित कर दिये गये हैं. इसके बावजूद जिला मुख्यालय स्थित संकुलों में ताला पड़ा है, तो नगर के बाहर गांव में चल रहे संकुलों की सहज कल्पना की जा सकती है.

कुछ शिक्षक संगठन द्वारा मूल्यांकन बहिष्कार की घोषणा की गयी है. इसकी आड़ लेकर संकुल में प्रतिनियुक्त हुए ज्यादातर शिक्षक अपने कार्य स्थल से गायब है. शिक्षा विभाग भी बस किसी तरह खानापूरी कर मूल्यांकन कार्य को कराना चाहता है. इसलिए वह भी शिक्षकों को छूट दिये हुए हैं. जबकि विद्यालय का पठन पाठन कार्य छोड़कर प्रतिनियुक्त किये गये शिक्षक इस बात का लाभ लेते हुए बजाय संकुल पर जाने के आराम फरमा रहे हैं. इस वजह से न तो विद्यालय सुचारु है और न ही मूल्यांकन कार्य ठीक तरह से चल रहा है.

कुछ शिक्षक नेता द्वारा हुड़दंग के बाद कॉपी जांच कराने के लिए अलग व्यवस्था की गयी है. लेकिन संकुल कार्य दिवस को खुला रहना चाहिये.
जनार्दन प्रसाद निराला, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, मधेपुरा.
प्रतिनियुक्त शिक्षकों को हर कार्यदिवस में संकुल में आकर मूल्यांकन कार्य करना है. अभी जिला मुख्यालय से बाहर हूं. वापस ही सभी बीइओ से रिपोर्ट तलब की जायेगी. इस तरह की कोताही को बरदाश्त नहीं की जायेगी.
शिवशंकर राय, जिला शिक्षा पदाधिकारी, मधेपुरा.

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