खस्ताहाल धर्मशाला की छत गिरी

सिंहेश्वर : प्रखंड मुख्यालय के मुख्य बाजार स्थित ललित धर्मशाला की मंगलवार को अचानक छत गिरने से एक व्यवसायी चेतन कुमार बाल – बाल बच गये. उन्होंने बताया कि मंगलवार की शाम जब वह दुकान से धर्मशाला के अंदर शौच करने जा रहे थी कि अचानक छत गिर गयी. छत गिरने व उनके चलने में […]

सिंहेश्वर : प्रखंड मुख्यालय के मुख्य बाजार स्थित ललित धर्मशाला की मंगलवार को अचानक छत गिरने से एक व्यवसायी चेतन कुमार बाल – बाल बच गये. उन्होंने बताया कि मंगलवार की शाम जब वह दुकान से धर्मशाला के अंदर शौच करने जा रहे थी कि अचानक छत गिर गयी. छत गिरने व उनके चलने में मात्र कुछ सेकेंड का फासला होने के कारण वो बाल- बाल बच गये. अगर महज कुछ सेकेंड अंतर नहीं होता तो एक बड़ी अनहोनी हो सकती थी. वर्षों पुराना धर्मशाला में अब जी का जंजाल बना हुआ है.

जिसमें रहने वालों के साथ कभी भी एक बड़ा हादसा हो सकता है. क्योंकि धर्मशाला काफी पुराना होने के कारण छत से छत का हिस्सा पपड़ी की तरह गिरता रहता है. कई बार इस वजह कई लोग मामुली रूप से घायल भी हो चुके हैं. लेकिन इस ओर ना तो कोई जन प्रतिनिधि ध्यान देते है और ना ही प्रशासन. ज्ञात हो कि इस धर्मशाला के अगले हिस्से में दर्जनों व्यवसायी अपनी जान को जोखिम में डालकर अपना प्रतिष्ठान चलाते है. इसी प्रतिष्ठान के बदोलत सभी व्यवसायी अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करते है.

अगर किसी के साथ भी अप्रिय घटना घटती है तो इसका असर उनके परिवार पर पड़ेगा.एक दशक पूर्व इस धर्मशाला का उपयोग भारी पैमाने पर हुआ करता था. जो कि इस क्षेत्र की पहली पसंद हुआ करती थी. क्योंकि काफी कम खर्च पर लोगों को शानदार कमरा उपलब्ध हो जाया करता था. लेकिन जब से छत के टुकड़े गिरने लगे तब से कोई भी यहां आना नही चाहता है. क्योंकि कई लोग इससे घायल हो चुके थे. वहीं दुसरी तरफ धर्मशाला में बने दुकान व अंदर बने कमरें इतनी जर्जर हो चुकी है लोग उसमें प्रवेश करना भी गवारा नहीं समझते है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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