मधेपुरा : नोट की अनुपलब्धता के संकट के बादल अब भी बरकरार है. बुधवार को मधेपुरा एसबीआइ मुख्य शाखा जो करंसी चेस्ट भी है. वहां 01 करोड़ से भी कम राशि शेष है. हालात यह है कि अधिकतम एटीएम में नोट नदारद है. गणतंत्र दिवस की छुट्टी होने के कारण गुरुवार को भी लगभग यही स्थिति रहेगी. प्रखंडों में भी बैंक में भुगतान को लेकर एक बार फिर अफरा-तफरी का माहौल शुरू है. जिले के करंसी चेस्ट शाखा द्वारा एक दिन में लगभग 10 करोड़ रुपये विभिन्न बैंक की शाखा समेत एटीएम की माध्यम से भुगतान किया जा रहा है. ऐसे में अगर शुक्रवार तक राशि नहीं उपलब्ध हुई तो नोटों के लिए मचा यह हाहाकार विकराल हो जायेगा. इस बाबत एसबीआइ के मुख्य प्रबंधक संजय कुमार करण ने बताया कि सुरक्षा बल उपलब्ध नहीं होने के कारण आरबीआइ से राशि नहीं लायी जा सकी है. उम्मीद है कि अगले दो तीन दिनों में स्थिति सामान्य हो जायेगी.
पैसे के लिए मधेपुरा में मचा है हाहाकार
मधेपुरा : नोट की अनुपलब्धता के संकट के बादल अब भी बरकरार है. बुधवार को मधेपुरा एसबीआइ मुख्य शाखा जो करंसी चेस्ट भी है. वहां 01 करोड़ से भी कम राशि शेष है. हालात यह है कि अधिकतम एटीएम में नोट नदारद है. गणतंत्र दिवस की छुट्टी होने के कारण गुरुवार को भी लगभग यही […]

नये नोट छपने की गति धीमी लिहाजा संकट बरकारार. आर्थिक मामलों के जानकार सीए मनीष सर्राफ कहते हैं जिस हिसाब से पुराने नोट अमान्य किये गये उस तुलना में नये नोट नहीं छप पाये हैं. लिहाजा संकट बरकरार है. उन्होंने कहा कि पूरे उत्तर बिहार यथा सहरसा, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज में भी नोट नहीं होने की वजह से बैंकों में आये दिन परेशानी हो रही है. लोगों का कोपभाजन बैंकर को बनना पड़ता है. आरबीआइ द्वारा बैंकों को नोट उपलब्ध कराने की बात आधी अधूरी रही है. उन्होंने कहा कि यही कारण है कि अधिकतर शहर में आधे से ज्यादा एटीएम बंद पाये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मधेपुरा करेंसी चेस्ट शाखा को भी डायर्वजन के माध्यम से आरबीआइ द्वारा जब नोट उपलब्ध कराया गया तो वह काफी कम मात्रा थी. वहीं यहां जब सीधे आरबीआइ से बड़ी मात्रा में नोट उपलब्ध कराया गया तो आस पास के कई जिलों को डायवर्ट कर दिया गया. इसकी वजह से जिले में नोटों का संकट इस कदर बढ गया है.
65 शाखाओं के लिए करेंसी उपलब्ध कराता है मुख्य शाखा. एसबीआई मधेपुरा के मुख्य शाखा से मधेपुरा जिले के एसबीआई के 18 शाखा लिंक है. इसके अलावा विगत दिनों सुपौल जिला के 13 शाखा को भी मधेपुरा जिले के मुख्य शाखा से जोड़ा गया. जबकि ये शाखा पूर्व में सुपौल मुख्य शाखा से चेस्ट की सुविधा ले रहे थे. बुधवार को नोट संकट से निपटने के लिए जिले के 34 उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के शाखा को भी मुख्य शाखा से जोड़ा गया है. जबकि पूर्व में यूबीजीवी के ये 34 शाखा एक्सिस बैंक तथा सेंट्रल बैंक से जुड़े थे. इसके अलावा अन्य बैंकों के लिए भी खजांची का काम एसबीआई मुख्य शाखा ही करता है. मुख्य शाखा के माध्यम से जिले के 36 एटीएम में भी राशि भरने का काम किया जाता है.
26 जनवरी के कारण सुरक्षा बल उपलब्ध नहीं हो पाये हैं. इसलिए नोट उपलब्ध नहीं हो सका है. उम्मीद है 27 जनवरी के बाद स्थिति पूरी तरह समान्य हो जायेगी. तत्काल बैंक द्वारा संचालित एटीएम में राशि डाल कर बाजार की तरलता बरकरार रखी जा रही है.
संजय कुमार करण, मुख्य प्रबंधक, एसबीआइ मधेपुरा.
एक करोड़ से भी कम राशि बुधवार को उपलब्ध है. किसी तरह कुछ एटीएम को चालू रखा गया है. एक दो दिन में आरबीआइ से राशि मिलते ही सभी एटीएम चालू कर दिये जायेंगे.
बाबु लाल मुर्मु, रोकड़ अधिकारी, एसबीआइ मधेपुरा.