एनएसयूआइ ने भी दी श्रद्धाजंलि

मधेपुरा : नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती मुख्य बाजार स्थित उनके स्मारक स्थल पर धूमधाम से मनायी गयी. इस मौके पर संयुक्त छात्र संगठन के नेताओं ने नेताजी के स्मारक पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया. जयंती समारोह को संबोधित करते हुये एआईएसएफ के विवि प्रभारी हर्षवर्द्धन सिंह राठौर ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस […]

मधेपुरा : नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती मुख्य बाजार स्थित उनके स्मारक स्थल पर धूमधाम से मनायी गयी. इस मौके पर संयुक्त छात्र संगठन के नेताओं ने नेताजी के स्मारक पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया. जयंती समारोह को संबोधित करते हुये एआईएसएफ के विवि प्रभारी हर्षवर्द्धन सिंह राठौर ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस का जीवन सफर युवाओं के लिए उच्च आदर्श है. जिन्होंने राष्ट्र सेवा के लिए सिविल सेवा की नौकरी का भी त्याग कर दिया. नेताजी ने आजादी के आंदोलन के कड़ी में प्रथम राष्ट्रीय आंदोलन का नेतृत्व भी किया था.

एसएफआई के विवि नेता सारंग तनय ने कहा कि नेताजी का कद काफी उंचा था.
इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने गांधी जी के विरोध करने पर कांग्रेस के अध्यक्ष पद का ठुकरा दिया था. एथेलेटिक्स कोच शंभू कुमार ने कहा कि आज के विषय हाल में नेताजी के विचारों पर चलने की जरूरत है. एनएसयूआई के निशांत कुमार ने कहा कि नेताजी की प्रसिद्धि विश्व स्तर पर थी.
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में जिसका लाभ भारत को मिला. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये एनएसयूआई के पूर्व राष्ट्रीय प्रतिनिधि प्रभात कुमार मिस्टर ने कहा कि नेताजी जैसे अमर स्वतंत्रता सेनानी के मौत का रहस्य साफ नहीं होता दु:खद है, केंद्र सरकार को चाहिये कि उनसे जुड़े साक्ष्य समाज के सामने लाए. कार्यक्रम का संचालन करते एआईएसएफ के हिमांशु राज ने कहा कि नेताजी विभिन्न प्रतिभाओं के संगम थे जिसे आज आत्मसात करने की जरूरत है. इस मौके पर कोशी की उड़नपड़ी सुमन भारती, ललिता, मो गुलकराज, अमरेश, अनुरंजन, अमित, जयराज, गोपी, मनीष आदि शामिल थे.

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