मिड-डे-मिल वर्कस यूनियन के बैनर तले जुटे रसोइयाओं ने दी चेतावनी
मधेपुरा : रसोइया को केंद्र व राज्य सरकार दोयम दर्जे से देखती है. अभी तक उन्हें न्यूनतम मजदूरी की दर से भी भुगतान नहीं किया जाता है. जबकि स्कूलों में मिड-डे-मिल की सफलता में सबसे बड़ा योगदान रसोइया का है. अगर सरकार इस मामले में अविलंब कदम नहीं उठाती है. आगामी 20 जनवरी को एक दिवसीय हड़ताल कर स्कूलों में मिड – डे मिल ठप कर दिया जायेगा. ये बातें बुधवार को सीपीएम जिला कार्यालय में मिड -डे – मिल वर्कर्स यूनियन रसोइया कार्यकर्ता संघ जिला कमेटी के बैठक को संबोधित करते हुए संयोजक गणेश मानव ने कहा. उन्होंने कहा कि यह तो अभी आंदोलन का आगाज है अगर सरकार चेतती है तो आंदोलन को उग्र किया जायेगा.
उन्होंने कहा कि कहा कि 20 जनवरी को मधेपुरा जिला के सभी स्कूल में खाना बंद रहेगा. उन्होंने कहा कि 45वें राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन की सिफारिश को लागू करते हुए मजदूर का दर्जा दिया जाय. वहीं मिड-डे-मिल के बजट में की गयी कटौती को वापस लेकर इस योजना में पर्याप्त फंड उपलब्ध कराया जायेगा.
प्रमुख मांगों की चर्चा करते हुए कहा कि सभी रसोइया को 15 हजार प्रतिमाह वेतन, दस की जगह 12 महीने का वेतन देना, 62 वर्ष से अधिक उम्र के रसोइया के लिए पेंशन की गारंटी, सरकार के अन्य कर्मियों की भांति रसोइया के लिए आकस्मिक अवकाश, मातृत्व अवकाश, प्रत्येक वर्ष में एक जोड़ा पोशाक उपलब्ध कराना, सभी रसोइया को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाना तथा इंदिरा आवास प्रदान करना, रसोइया को पीएफ-ईएस का लाभ देना, मिड-डे – मिल योजना का विस्तार 12वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए करना शामिल है. नेताओं ने कहा कि प्रत्येक रसोइया को नियुक्ति पत्र एवं परिचय पत्र भी उपलब्ध करवाया जाय. मुख्य रूप से कार्यक्रम को संबोधित करने वालों में शशिमोहन सिन्हा, राम विलाश ठाकुर, महिला नेत्री नूतन भारती, सुनीता देवी, बाबुल, शिविम, सदानंद राम, सोमनी देवी, चंदेश्वरी यादव शामिल है. जबकि इस दौरान एसएफआई नेता रंजीत मानव, बालकिशोर बलास्टर, श्यामसुंदर ठाकुर, रंजीत मानव, चंद्रकिशोर ठाकुर, चंद्रदेव निराला यादव, नरेश, अखिलेश, गजेंद्र यादव, विमल कुमार, सोमनी देवी, दिनेश पासवान, बदरी पासवान, गीता देवी, उमेश राम, निर्माला देवी, सुलेखा देवी, सरिता देवी आदि उपस्थित थे.
बैठक करते रसोइया संघ के सदस्य.
