ग्रीन फिल्ड विद्युत रेल इंजन कारखाने को अपनी जमीन देने वाले स्थानीय किसान सहित आस पास के गांव के सैकड़ों गरीब मजदूर लोगों ने धरना देकर अपने 11 सूत्री मांगों को 15 दिनों के अंदर पूर्ति करने का अल्टीमेटम दिया है
मधेपुरा : किसान मजदूर संघर्ष मोरचा के बैनर तले बुधवार को तुनियाही चकला चौक पर ग्रीन फिल्ड विद्युत रेल इंजन कारखाने को अपनी जमीन देने वाले स्थानीय किसान सहित आस पास के गांव के सैकड़ों गरीब मजदूर लोगों ने एक दिवसीय धरना देकर अपने 11 सूत्री मांगों को 15 दिनों के अंदर पूर्ति करने का अल्टीमेटम दिया है. धरना पर बैठे ग्राम वासियों ने कहा कि 15 दिनों में मांगों की पूर्ति नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन किया जायेगा.
वहीं वक्ताओं ने स्थानीय लोगों को कारखाने में मजदूरी तथा नौकरी देने की मांग की. वहीं मुआवजा राशि में भी देरी तथा अब तक पूरा पैसा नहीं मिलने पर विरोध जताया. स्थानीय लोगों का कहना था कि इस कारखाने को जमीन उनलोगों ने दी है. ग्रामीणों का कहना है कि मुआवजे की राशि में हो रही देरी पर सरकार को वर्ष 2008 से अद्यतन 12 प्रतिशत ब्याज की दर से भुगतान करना चाहिए. इस मौके पर श्रीपुर चकला के मुखिया अनिल अनल ने कहा कि सरकार जमीन मालिकों के साथ छल कर रही है. पहले तो उनकी जमीन ली और अब काम नहीं देकर यह जता रही है
कि बस मतलब निकल गया है. धरना कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि 27 दिसंबर को आरबिट्रेटर द्वारा मुआवजा संबंधी फैसला सुनाया गया था. जिसके विरोध में सेक्शन 34 के तहत रिव्यू की याचिका को सात जनवरी को दायर की गयी. नियम के अनुसार एक माह के भीतर इस पर फैसला होना था. लेकिन आज भी यह याचिका लंबित है. उल्टे जमीन रेलवे कारखाना के लिए हस्तगत करा दी गयी और अब स्थानीय लोगों को मजदूरी तक नहीं करने दी जा रही है. इस मौके पर प्रकाश कुमार पिंटू, अभय कुमार सिंह, निर्मल कुमार सिंह, राकेश कुमार सिंह, विष्णुदेव यादव, रंजीत बहादूर सिंह, भंजन सिंह आदि उपस्थित थे.
