मधेपुरा. जिले में सोमवार से मैट्रिक की परीक्षा शुरू हो गयी. इसको लेकर 42 परीक्षा केंद्र बनाया गया है. केंद्र पर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन व परीक्षा केंद्र के शिक्षकों व कर्मियों द्वारा छात्र-छात्राओं के कागजात की जांच करने व पूरी तलाशी लेने के बाद परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने की अनुमति दी गयी. मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन दोनों पाली मिलाकर 28 हजार एक सौ 27 छात्र-छात्राओं को उपस्थित होना था, जिसमें से 27 हजार तीन सौ 33 परीक्षार्थी उपस्थित हुए व 794 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे. परीक्षा केंद्रों पर कदाचार रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किये गये हैंं. पहली पाली की परीक्षा में 14 हजार तीन सौ 44 परीक्षार्थियों में से 13 हजार नौ सौ 60 परीक्षार्थी उपस्थित रहे व तीन सौ 84 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे. वहीं दूसरी पाली की परीक्षा में 13 हजार सात सौ 83 परीक्षार्थियों में से 13 हजार तीन सौ 73 परीक्षार्थी उपस्थित रहे व चार सौ 10 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे. मालूम हो कि 25 फरवरी तक चलने वाली मैट्रिक परीक्षा में जिले के 42 केंद्रों पर इस वर्ष 28 हजार सात सौ 42 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे. इनमें 14 हजार तीन सौ 13 छात्र व 14 हजार चार सौ 29 छात्राएं शामिल होंगे. मातृभाषा हिंदी, उर्दू, बंगला व मैथिली विषय की हुई परीक्षा परीक्षा दोनों ही पाली में आयोजित हुई. पहले दिन दोनों ही पाली में मातृभाषा हिंदी, उर्दू, बंगला व मैथिली विषय की परीक्षा हुई. पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक हुई. वहीं दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर दो बजे से शाम 5:15 बजे तक हुई. परीक्षार्थियों को प्रथम पाली में सुबह नौ बजे व द्वितीय पाली में दोपहर 01:30 बजे तक परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश करने की अनुमति थी. जिले में चार केंद्र को बनाया गया है आदर्श परीक्षा केंद्र जिला अंतर्गत 42 परीक्षा केंद्र निर्धारित है, जिसमें सदर अनुमंडल अंतर्गत बालकों के लिए 12 परीक्षा केंद्र व बालिकाओं के लिए नौ परीक्षा केंद्र निर्धारित है तथा उदाकिशुनगंज अनुमंडल अंतर्गत बालकों के लिए 11 व बालिकाओं के लिए 10 परीक्षा केंद्र बनाई गई है. परीक्षा केंद्रों में सदर अनुमंडल अंतर्गत तीन व उदाकिशुनगंज अनुमंडल अंतर्गत एक आदर्श परीक्षा केंद्र बनाया गया है.
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