नये अंदाज में होगा नये वर्ष का आगाज

नये अंदाज में होगा नये वर्ष का आगाज फोटो – मधेपुरा 24, 25कैप्शन- – नये साल पर शुभकामना देने के साथ-साथ गिफ्ट देने व पिकनिक मनाने की हो रही तैयारीप्रतिनिधि. मधेपुरा नव वर्ष 2016 के स्वागत की तैयारी धीरे धीरे जोर पकड़ रही हैं. कैलेंडर अपने तेवर और कलेवर बदलने के लिए तैयार हैं. युवा […]

नये अंदाज में होगा नये वर्ष का आगाज फोटो – मधेपुरा 24, 25कैप्शन- – नये साल पर शुभकामना देने के साथ-साथ गिफ्ट देने व पिकनिक मनाने की हो रही तैयारीप्रतिनिधि. मधेपुरा नव वर्ष 2016 के स्वागत की तैयारी धीरे धीरे जोर पकड़ रही हैं. कैलेंडर अपने तेवर और कलेवर बदलने के लिए तैयार हैं. युवा वर्ग का उत्साह देखने योग्य है. स्कूल कॉलेज में मिली छुट्टी में नये साल की तैयारी के लिए योजनाएं बनायी जा रही है. पिकनिक स्पॉट तय किये जा रहे हैं. हालांकि जिला मुख्यालय में ऐसी जगह नहीं होने की कमी भी खल रही है. आम तौर पर जिले के युवा भ्रमण के लिए नेपाल की ओर रूख करते हैं. लेकिन इस वर्ष मधेसी आंदोलन के कारण नेपाल भी पिकनिक स्पॉट के रूप में सुरक्षित नहीं रहा. फिर भी स्थानीय स्पॉट की तलाश के साथ नये अंदाज में शुभकामना देने की लोग सोच रहे हैं. इस वर्ष सहरसा के मत्सगंधा की ओर जाना लोग अधिक पसंद करेंगे. – अब व्हाटसएप का आ गया जमाना समय बदल गया है और तकनीक भी. हर नयी तकनीक लोगों की जीवन शैली, व्यवहार और संप्रेषण में बदलाव ले आता है. पहले ग्रिटींग्स, फिर मोबाइल और आरकुट, फेसबुक, गूगल प्लस सरीखे नेटवर्किंग साइट्स गहराई से जुड़ कर वर्चुअल समाज के वासी हो गये. अब व्हाटसएप का जमाना आ गया है. दोस्त के साथ परिजनों को लोग एडवांस में नये साल की बधाई दे रहे है. कंप्यूटर हार्डवेयर इंजीनियर चुन्नू कहते हैं कि सोशल नेटवर्किंग साइट की लोकप्रियता ने लोगों को करीब लाने का काम तो किया लेकिन कहीं दूरी भी पैदा कर दी. घनघोर फेसबुकिया रंजन भगत बताते हैं कि दूर-दराज रह रहे दोस्तों से ये साइट्स करीब तो कर देते हैं लेकिन आसपास के दोस्तों और परिजनों से दूर कर देते हैं. वहीं आरकुट यूजर प्रियंका बताती हैं कि कंप्यूटर और मोबाइल पर सर्फिंग करने के कारण घर से बाहर और मोबाइल से दूर होने का अवसर कम मिल पाता है. लेकिन फिर भी इसका अपना मजा है. –कम दिखते हैं आर्चीज कार्ड–जिला मुख्यालय स्थित बजाज मोटर्स के व्यवस्थापक राकेश कुमार बताते हैं कि करीब छह साल पहले तक वह पटना से आर्चीज के करीब दो दर्जन कार्ड मंगवाते थे. अब तो एक भी नहीं भेज पाते हैं. वहीं मधेपुरा एजेंसी के संचालक दिलीप खंडेलवाल भी इससे इत्तफफाक रखते हैं. वह कहते हैं कि अब तो बच्चे भी ग्रिटींग्स कार्ड के लिए जिद नहीं करते. जमाना था जब नव वर्ष से बहुत पूर्व ही स्टेशनरी दुकानों पर ग्रिटींग्स कार्ड की पूरी गैलरी सज जाती थी. युवा तो दिसंबर के पहले सप्ताह से लेकर फरवरी के पहले सप्ताह तक शुभकामना संदेश भेजते रहते थे. ग्रिटींग्स विक्रेता राकेश कुमार और सुनील कुमार की मानें तो पहले हर परिवार के लोग नव वर्ष पर कम से कम पांच कार्ड जरूर खरीदते थे. मगर अब गाहे बगाहे ही कार्ड्र की ब्रिक्री हो रही है. ————————————————-उपहारों की है बहारनव वर्ष पर इन दिनों उपहार देने का भी चलन प्रचलित हो गया है. यही कारण है कि बाजार में गिफ्ट आइटम की ब्रिक्री परवान पर चढ़ रही है. गिफ्ट आइटम विक्रेता संतोष कुमार, सुनील आदि ने बताया कि नव वर्ष को ध्यान में रख कर ही गिफ्ट आइटम बाहर से मंगवाया गया है. बाजार में चालीस रूपये से लेकर बाइस सौ रूपये तक के नव वर्ष स्पेशल गिफ्ट उपलब्ध हैं. अलग-अलग आयु वर्ग के अनुसार अलग गिफ्ट का प्रचलन है. किशोर वर्ग में ट्रेडी बीयर, आइ लव यू लिखे मोमेंटो, फफूलों के गुलदस्ते आदि की मांग अत्यधिक होती है. वहीं महिलाएं एवं युवतियों को पर्स एवं गुलदस्ता भेंट किया जाता है. हालांकि ऐसे छोटे गिफ्ट की भी काफी डिमांड है जो आकार में छोटे हों ताकि देने में और रखने में सहज रहे. उपहारों में इन दिनों चॉकलेट पैक, केक, कुकीज आदि भी अपनी जगह बना रहा है. उपहार मूल्य गणेश 100 से 150टैडी बीयर 60 से 250 डॉग 225 से 1500खरगोश 100 से 300डॉल 225 से 2200दिल 140 प्रति पीस लेडिज पर्स 65 से 650गुलदस्ता 70 से 400 चॉकलेट पैक 60 से 300 अन्य 35 से 400जुदा-जुदा हैं अदांजे बयां मधेपुरा. शुभकामना देना किसी को खूबसूरत अहसास से लबरेज कर देता है. हर रिश्ते के लिए अहसास जताने के अलग-अलग अंदाज होते हैं. नव वर्ष के बहाने जब शुभकामना किसी बेहद अपने को देना हो तो वे पल कुछ खास हो जाते हैं. इन पलों में संभलने की होशमंदी भी होती है और बिखर जाने की बेताबी भी. हया है और रूमानियत भी. इस अंदाजे बयां के बारे में ऐसे लोगों से बात की गयी जिन्होंने जीवन के तीस से अधिक बसंत को जिया और विदा किया. हिंदी विभाग के वरीय शिक्षक डा सिद्धेश्वर काश्यप ने बताया कि मिलकर शुभकामना देने से रिश्तों में मिठास बढ़ती है. रिश्तों के दरम्यां आये कुछ फासले इस बहाने मिटा दें. विवि के प्रभारी कुलसचिव डा बीएन विवेका ने बताया कि नव वर्ष के दिन फूलों का गुलदस्ता लेकर अपने खास पल को और खास बनाते हुए नववर्ष की बधाई देंगे. शैक्षणिक उप कुलसचिव डा नरेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे समय में जब आप बहुत कुछ नहीं कह सकते तब शब्द बड़ी सहायता करते हैं. खास पलों में हर चीज एक्सप्रेसिव होना चाहिए. ग्रिटींग्स कार्ड पर सुंदर शब्दों से लिखा संदेश भी और उसका लिफफा भी. इसे देने का अंदाज भी. डाॅ जवाहर पासवान ने कहा कि वह नव वर्ष पर शुभकामना संदेश देने के लिए मोबाइल का उपयोग करेंगी. उन्होंने बताया कि शुभकामना देने का सबसे बढ़िया तरीका ग्रिटींग्स कार्ड ही है.

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