विकास की राह देखता मिठाई रेलवे हॉल्ट

विकास की राह देखता मिठाई रेलवे हॉल्ट फोटो – मधेपुरा 19 एवं 20 कैप्शन – 19 रेलवे हॉल्ट, 20 शौचालय– रेलवे प्रशासन के उदासीन रवैया का शिकार बना मिठाई रेलवे हॉल्ट — जिला मुख्यालय से महज पांच किलोमीटर दूर स्थित मिठाई रेलवे हॉल्ट को है विकास की दरकार – यहां आज भी यात्रियों को दिया […]

विकास की राह देखता मिठाई रेलवे हॉल्ट फोटो – मधेपुरा 19 एवं 20 कैप्शन – 19 रेलवे हॉल्ट, 20 शौचालय– रेलवे प्रशासन के उदासीन रवैया का शिकार बना मिठाई रेलवे हॉल्ट — जिला मुख्यालय से महज पांच किलोमीटर दूर स्थित मिठाई रेलवे हॉल्ट को है विकास की दरकार – यहां आज भी यात्रियों को दिया जाता है कार्ड टिकटप्रतिनिधि, मधेपुरा. मधेपुरा जिला ग्रीनफील्ड इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव फैक्ट्री के कारण इन दिनों पूरे देश में चर्चा का केंद्र बना हुआ है. लेकिन जिला मुख्यालय से लगभग पांच किमी दूर ‘मिठाई’ रेलवे हॉल्ट पुराने जमाने के फिल्मों में दिखाई जाने वाली रेलवे स्टेशनों की याद ताजा करा देता है. मिठाई रेलवे हॉल्ट पर रेलवे विभाग का उदासीन रवैया व अव्यवस्था साफ दिखाई देता है. यात्री ट्रेन की आवाज से पता लगाते हैं ट्रेनों के आने जाने का पता जिस देश में बुलेट ट्रेन चलाने की बात हो रही हो उस देश में एक ऐसा रेलवे हॉल्ट स्टेशन भी है जहां यात्रियों को ट्रेन की आवाज से पता लगाया जाता है कि ट्रेन आ रही है कि नहीं. इस बाबत यात्री बताते हैं कि जब मिठाई रेलवे हॉल्ट के कर्मचारी को समय सारिणी पता नहीं है तो सामान्य यात्री को कैसे बता सकते हैं. जब रेलवे कर्मचारी से पूछा जाता है तो उन्हें कहा जाता है कि मिठाई रेलवे स्टेशन पर टेलिफोन की सुविधा नहीं है इसलिए मुख्य स्टेशन से उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल पाती है. वर्ष 2014 की ही समय तालिका लगी है दीवार पर वर्ष 2015 के चंद कुछ ही दिन बचे है परंतु मिठाई हॉल्ट के सूचना पट पर वर्ष 2014 की ट्रेनों की समय तालिका लटकी हुई है. वर्ष 2014 के बाद न जाने कितने ट्रेनों के परिचालन के समय में परिवर्तन किया गया है. परंतु रेलवे प्रशासन इससे लापरवाह बने हुए हैं. इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है रेलवे यात्रियों को जिससे रोज सैकड़ों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. आज भी कार्ड टिकट का ही हो रहा है प्रयोग भारत के कंप्यूटर टेक्नोलॉजी की डंका पूरी दुनिया में बज रही है लेकिन मिठाई रेलवे हॉल्ट पर अभी भी रेल यात्रियों को कार्ड टिकट ही दिया जाता है. इस बाबत रेलवे कर्मचारी व पदाधिकारी कुछ भी बताने में परहेज करते हैं. प्लेट फॉर्म की है कम उंचाई, होेती है अक्सर दुर्घटना -छोटी रेल लाइन की प्लेटफॉर्म पर बड़ी रेल लाइन तो बिछा दी गयी है परंतु प्लेटफॉर्म की उंचाई को नहीं बढ़ाया गया है. इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है. अक्सर ट्रेनों पर चढ़ने व उतरने के समय आये दिन यात्री दुर्घटना का शिकार होते रहते है. फुट ओवरब्रिज नहीं स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज के अभाव में रोज सैकड़ों यात्री अपनी जान जोखिम में डाल कर पटरी पार करते हैं. रेल प्रशासन के उदासीन रवैया का खामियाजा यात्रियों को कभी भी भुगतना पड़ सकता है. दिखावे के लिए है शौचालयमिठाई रेलवे हॉल्ट पर शौचालय कई वर्षों से क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ा हुआ है. यात्री उस शौचालय में जाने से डरते है. शौचालय पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है. यात्री चाहे वह महिला हो या पुरूष सभी को खुले में ही शौच करना पड़ता है. जानकारी के बाद भी रेलवे प्रशासन उदासीन बना हुआ है. कहते है स्थानीय लोग — मिठाई के सुभाष मंडल ने बताया कि मिठाई रेलवे हॉल्ट की स्थिति काफी दयनीय है. यहां न ही बैठने के लिए अच्छी व्यवस्था. रेलवे स्टेशन के प्रतीक्षालय में बैठने के लिए बनी बेंच क्षतिग्रस्त है. बिजली नहीं है. वहीं गढ़िया के दिलीप यादव ने बताया कि स्टेशन पर गर्मियों के समय में यात्रियों को बैठने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. छोटे – छोटे शेड बने हैं जिसमें कुछ ही लोग आ पाते हैं. शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी नहीं है. मिथिलेश पासवान ने बताया कि करीब पचास साल से भी ज्यादा समय पहले बने इस रेलवे हॉल्ट की दुर्दशा के प्रति रेल विभाग को गंभीर होना चाहिए.

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