घैलाढ़वासियों को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं फोटो – मधेपुरा 20 केप्शन – घैलाढ़ में निर्माण के बाद से ही बेकार पड़ा है जल मीनार – घैलाढ़ प्रखंड मुख्यालय व आसपास के गांवों में जलापूर्ति के लिए बना जलमीनार है बेकार – आयरनयुक्त पानी पीने से लोगों का स्वास्थ्य हो रहा है खराब प्रतिनिधि, घैलाढ़ प्रखंड मुख्यालय में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए लाखों रुपये की लागत से जल मीनार का निर्माण तो किया गया लेकिन लोगों को एक बूंद भी पानी नसीब नहीं हो सका है. वहीं प्रखंड में शुद्ध पेय जल उपलब्ध कराने के लिए आयरन रिमूवल चालाकल एवं पानी टंकी भी बनवाये गये. यह योजना भी विफल साबित हुई. किसी गांव में आयरन रिमूवल प्लांट काम नहीं कर रहा. रख रखाव के अभाव में सभी प्लांट बंद पड़े हैं. नतीजतन यहां के लोग आयरन युक्त पानी पीने के लिए अभिशप्त हैं. जल मीनार बनने के बाद लोगों में आस जगी थी कि यहां लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो पायेगा लेकिन आशा के विपरीत ऐसा कुछ नहीं हुआ. जल मीनार से पानी टंकी चौक, घैलाढ़ चौक बाजार, इनरवा गांव, रडि़या और लक्षमीणियां तक जल की आपूर्ति की जानी थी. कहते हैं ग्रामीण ग्रामीण लाल चौधरी, श्यामदेव चौधरी, अरूण चौधरी, मनोज साह, सुरेश यादव, ललन कुमार, मनोहर यादव एवं अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वे लोग कई बार लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग से जल मीनार को चालू कराने के लिए मिल चुके हैं लेकिन अब तक स्थिति जस की तस है. कहते हैं अधिकारी इस मामले में कार्यपालक अभियंता टिंकू कुमार मंडल ने बताया कि जल मीनार में तकनीकी खराबी के कारण पानी निकलना बंद है. जल्दी ही इसे ठीक कर लिया जायेगा. कहते हैं चिकित्सक प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी आनंद भगत ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र में अधिकतर जगहों पर पानी आयरन युक्त है. इसके कारण पेट की कई बीमारियां होती हैं. लोग पानी को उबाल कर और फिल्टर करने के बाद ही पानी पियें तो स्वस्थ रहेंगे.
घैलाढ़वासियों को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं
घैलाढ़वासियों को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं फोटो – मधेपुरा 20 केप्शन – घैलाढ़ में निर्माण के बाद से ही बेकार पड़ा है जल मीनार – घैलाढ़ प्रखंड मुख्यालय व आसपास के गांवों में जलापूर्ति के लिए बना जलमीनार है बेकार – आयरनयुक्त पानी पीने से लोगों का स्वास्थ्य हो रहा है खराब प्रतिनिधि, घैलाढ़ प्रखंड […]
