मधेपुरा : चुनावी महापर्व जिले में शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया. चारों विधान सभा क्षेत्र से 60 प्रत्याशियों के भाग्य का सितारा इवीएम में कैद है, लेकिन चुनाव कार्य संपन्न होने के बाद क्षेत्र की जनता में चुनावी मंथन का दौर शुरू हो गया. इस बात की चर्चा जोरों पर होने लगी.
किसके भाग्य का फैसला होगा और बिहार की गद्दी पर कौन काबिज होगा. शहर के मुख्य बाजार के चौक चौराहे, पान की गुमटियों, चाय की दुकानों पर लोग इस बात को लेकर अपने माथा पच्ची करते रहे और अपना तर्क देेते रहे. लोगों का कहना था कि इस बार का चुनाव काफी अहम रहा. स्टार प्रचारकों की कमी नहीं रही.
जनता को आरोप प्रत्यारोप के बीच लुभावने वादे भी किये. लेकिन अबकी बार जागरूक मतदाताओं ने अपने विवेक को रख कर मतदान किया. जनप्रतिनिधियों के लुभावने वादे नेताओं द्वारा दिखाये गये सपने जनता पर इस बार के चुनाव में मतदाताओं को रिझाने में नाकाफी रहा. वहीं पान की गुमटी, चाय की दुकानों में लोग चाय की चुस्की लेकर प्रत्याशियों की जीत हार, किसकी सरकार इन सब बातों पर अपनी राय दे कर एक दूसरे पर भारी पड़ते दिखे.
वहीं एक्जिट पोल को लेकर भी लोग तक वितर्क करते नजर आये. हालांकि चर्चाओं के इस दौर में आठ नवंबर को मतगणना के बाद ही जवाब मिलेगा. आखिर तीन प्रत्याशी के भाग्य का फैसला हुआ और किसके हाथ में बिहार की बाग डोर होगी. जीतापुर प्रतिनिधि केअ अनुसार, मुरलीगंज प्रखंड के क्षेत्रों में चुनाव के बाद हारजीत का आकलन करते पार्टी के कार्यकर्ता चाय एवं पान की दुकान पर बैठ कर अपनी – अपनी जीत का दवा करते नजर आये.
भतखोरा बाजार स्थित चाय दुकान इमाम मार्केट स्थित चाय दुकान पर जमा लोगों ने एक्जिट पोल का सही बता रहे है. वहीं दूसरे समर्थक एक्जिट पोल को झूठ बताते हुए कहा हमारे प्रत्याशी की जीत होगी. और सदर प्रखंड स्थित चांदनी चौक, बिरैली बाजार, बुधमा, आदि जगहों की चाय दुकान पर लोग आपस में माथा पच्ची करते रहे.
