गम्हरिया: प्रखंड अंतर्गत बाल विकास परियोजना में अपनी मांगों को लेकर बिहार आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों के समर्थन में उपवास सह धरना प्रदर्शन किया.
सेविकाओं का आरोप था कि पिछले 25 से 30 वर्षो से आंगनबाड़ी कर्मचारी अपना कर्तव्य निर्वहन ईमानदारी पूर्वक करती आ रही हैं. किंतु बिहार सरकार भारत सरकार द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम को भी लागू करना चाहती है. विदित हो कि अन्य राज्य जैसे दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा आदि सरकार अतिरिक्त कार्य के लिए अतिरिक्त भत्ता मानदेय में जोड़ कर दे रही है. सभी राज्यों में जीवन बीमा योजना लागू कर दी गयी है. बिहार सरकार के पदाधिकारियों की मनमानी एवं उपेक्षापूर्ण रवैया की वजह से यहां लागू नहीं हो सका है.
क्या है मुख्य मांगें
आंगनबाड़ी सेविका की प्रमुख मांगें थी कि सेविकाओं को तृतीय व सहायिका को चतुर्थ श्रेणी के अनुरूप वेतन व भत्ता दिया जाय जब तक सुविधा नहीं दी जाती है तब तक अन्य राज्यों के तरह सेविकाओं आठ हजार रुपया व सेविकाओं को चार हजार रुपया अतिरिक्त मानदेय का भुगतान किया जाय. आंगनबाड़ी कर्मियों का सेवा संहिता बनाये जाय. सेवानिवृत्ति के उपरांत पेंशन दी जाय, भारत सरकार के द्वारा बीमा योजना लागू किया जाय एवं सेविकाओं को बीमा योजना नियमावली उपलब्ध करायी जाय आदि मांगे प्रमुख थे. धरना में पूनम, ममता, रंजम, भारती, बीना, रीता आदि शामिल थीं.
