ढोल नगाड़ों के बीच आदिवासी समाज का सोहराय शुरू

ग्वालपाड़ा : प्रखंड क्षेत्र के आदिवासी टोले में सोहराय का पर्व शुक्रवार से प्रारंभ हो गया. पर्व के प्रारंभ होते ही आदिवासी बहुल गांव शाहपुर पंचायत के आदिवासी टोले में ढोल नगाड़ों की आवाज से वातावरण खुशनुमा हो गया. पर्व की विशेषता को बताते हुए आदिवासी समुदाय के लोगों ने बताया कि सोहराय पर्व भाई-बहन […]

ग्वालपाड़ा : प्रखंड क्षेत्र के आदिवासी टोले में सोहराय का पर्व शुक्रवार से प्रारंभ हो गया. पर्व के प्रारंभ होते ही आदिवासी बहुल गांव शाहपुर पंचायत के आदिवासी टोले में ढोल नगाड़ों की आवाज से वातावरण खुशनुमा हो गया.

पर्व की विशेषता को बताते हुए आदिवासी समुदाय के लोगों ने बताया कि सोहराय पर्व भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है. यह प्रकृति व पशु-पक्षियों के प्रति श्रद्धा व देवी-देवताओं के प्रति विश्वास का पर्व है. नए फसल काटने के बाद पौष माह में यह पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है.
इस अवसर पर प्रत्येक आदिवासी समुदाय के लोग अपने सगे संबंधियों को आमंत्रित करते है.खास कर यह पर्व भाई-बहन के पवित्र रिश्ता का एक प्रतीक है. छह दिनों तक चलने वाले इस पर्व में आदिवासी लोग न केवल अपने इष्ट देव की पूजा के साथ-साथ गाय, बैल, हल व अन्य औजारों की भी पूजा करते हैं.

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