मधेपुरा : पान मसाला व गुटखा पर प्रतिबंध लगने के बाद भी मंगलवार को शहर में धड़ल्ले से गुटखा बिक रहा है. पूर्णिया गोला चौक, बाइपास, सुभाष चौक, स्टेशन रोड, कर्पूरी चौक, कॉलेज चौक आदि जगहों पर कई दुकानों में पान मसाला व गुटखा लेने वाले की भीड़ लगी दिखी. कई दुकानदारों ने प्रतिबंध के बाद इसकी कीमत बढ़ा दी है.
बढ़ी हुई कीमत से दुकानदार मालामाल हो रहे है. प्रतिबंध के चार दिन बीत जाने के बाद भी स्थानीय स्तर पर प्रतिबंधित पान मसाला बेचने वालों के खिलाफ अभियान नहीं चलाया गया है. सरकार द्वारा लगाये गये प्रतिबंध को आम जनमानस में सराहना मिल रही है, लेकिन बाजार में अवैध रूप से हो रहे व्यवसाय पर लगाम लगाने की मांग भी लोग कर रहे है.
प्रतिबंध से व्यवसायियों में आक्रोश: पान मसाला व गुटखा खाने वालों ने बताया कि सरकार ने प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है. उनलोगों को मसाला खाने की आदत पड़ गयी है. ऐसी स्थिति में इसे छोड़ने में कुछ समय लगेगा. खुदरा विक्रेताओं ने कहा कि उनकी कमाई इसी पर थी. विक्रेता दिगंबर ने बताया कि सरकार को फैसला लेने के वक्त विक्रेताओं के बारे में भी सोचना चाहिए था.
एक थोक विक्रेता ने बताया कि पान मसाला पर सरकार दुकानदारों से 88 प्रतिशत टैक्स वसूलती है. इसमें जीएसटी 28 प्रतिशत व सेल में 60 प्रतिशत देना पड़ता था. मधेपुरा में लगभग दो करोड़ का पान मसाला व गुटखा पड़ा हुआ है. उन्होंने बताया कि सरकार की प्रतिबंध का स्वागत करते हैं, लेकिन दुकानदारों से जो टैक्स सरकार ने लिया है उसे कब लौटायेगी. इसकी बात नहीं कही गयी है. विक्रेता ने कहा कि सरकार को कंपनी के पास माल भेजने के लिए कुछ समय देना चाहिए था. अब ऐसी स्थिति हो गयी है. माल रखने व कहीं भेजने पर भी कार्रवाई हो सकती है.
