निर्माण के छह वर्ष बाद ही टूटने लगा भंडार गृह

कुमारखंड : प्रखंड मुख्यालय में 500 टन क्षमता वाले भंडार गृह गुणवत्ता विहीन निर्माण के कारण छह वर्ष के भीतर ही अस्तित्व खोने लगा है. जानकारी के अनुसार प्रखंड मुख्यालय स्थित व्यापार मंडल परिसर में 500 टन क्षमता वाले भंडार गृह का निर्माण कार्य वर्ष 2012 में कराया गया था. निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने […]

कुमारखंड : प्रखंड मुख्यालय में 500 टन क्षमता वाले भंडार गृह गुणवत्ता विहीन निर्माण के कारण छह वर्ष के भीतर ही अस्तित्व खोने लगा है. जानकारी के अनुसार प्रखंड मुख्यालय स्थित व्यापार मंडल परिसर में 500 टन क्षमता वाले भंडार गृह का निर्माण कार्य वर्ष 2012 में कराया गया था.

निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने के बाद तत्कालीन खाद्ध व उपभोक्ता संरक्षण विभाग बिहार सरकार के मंत्री श्याम रजक के उपस्थिति में तत्कालीन विधायक सह वर्त्तमान अनुसूचित जाति जनजाति मंत्री डा रमेश ऋषिदेव द्वारा 28 नवंबर 2012 को भंडार गृह का उद्घाटन किया गया. उद्घाटन के बाद वर्ष 2017 से उपभोक्ता संरक्षण के तहत आवंटित खाधान का भंडारण शरू किया गया.
निर्माण के मात्र छह वर्ष के भीतर ही भंडार गृह के कमरे का फर्श नाकारा हो गया. इतना ही नहीं दीवार भी दरकने लगा है. बरामदा का हाल तो इतना बुरा है कि बोरा बिछाकर चावल और गेहूं रखना पड़ रहा है. इस संबंध में खाद्य व उपभोक्ता संरक्षण विभाग के ठीकेदार ने कहा भंडारण के पाल बिछाकर खाद्यान रखना पड़ता है. इसमें भी चूहे छत-बिछत कर देते है.
इस संबंध में भंडार गृह में कार्य करने वाले मजदुर ललन ऋषिदेव, सुरेंद्र ऋषिदेव, लक्ष्मन ऋषिदेव, जयकृष्ण ऋषिदेव, नंदन ऋषिदेव, सोमन ऋषिदेव, हीरो ऋषिदेव, निर्बोध ऋषिदेव, प्रदीप ऋषिदेव, धीरेंद्र ऋषिदेव, भिखर ऋषिदेव, जोगेंदर ऋषिदेव, छोटू ऋषिदेव, राजकिशोर ऋषिदेव ने जिला पदाधिकारी से मांग करते हुए कहा कि भंडार गृह के क्षतिग्रस्त हो जाने पर हमलोग बेरोजगार हो जायेंगे.

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