मधेपुरा : ओम साईं हॉस्पिटल डॉक्टर असीम प्रकाश के क्लिनिक में सोमवार को मुफ्त बीएमडी जांच कैंप का आयोजन किया गया. इसमें 158 लोगों ने बीएमडी टेस्ट, 128 लोगों ने किडनी शुगर कोलेस्ट्रॉल जांच करायी. इस दौरान ओस्टियोपोरोसिस की समस्या बच्चे, किशोर व युवाओं में भी देखी गयी.
उनमें इस समस्या की वजह संतुलित आहार की कमी, जंक फूड का सेवन, इंटरनेट पर व्यस्त रहना और शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान न देना और धूप से दूर एसी में बैठे रहना प्रमुख के बारे में बताया गया. डॉक्टर ने बताया कि कामकाजी युवाओं को ऑफिस में दिनभर एसी में रहना होता है.
इस कारण उन्हें धूप नहीं मिल पाती. इस बाबत फिजीशियन डॉ असीम प्रकाश ने बताया उम्र बढ़ने के साथ भी यह बीमारी होती है. महिलाओं को सर्वाधिक ओस्टियोपोरोसिस होने का खतरा रहता है, जबकि मधुमेह व अन्य बीमारी से पीड़ित पुरुष भी इसकी चपेट में लगातार आ रहे हैं.
बीएमडी में कमी आना है रोग की पहचान : आस्टियोपोरोसिस होने पर बीएमडी में कमी आ जाती है इसका कारण खाने में विटामिन, प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन डी की कमी है. वहीं इस के शुरुआती लक्षण में कमर, मांसपेशियों व पीठ में दर्द होना शामिल है. धूम्रपान इस बीमारी के होने का बहुत बड़ा और प्रमुख कारण है. डायबिटीज, थायरॉयड जैसी बीमारियों के कारण भी पुरुषों को ऑस्टियोपोरोसिस हो सकता है.
बीएमडी का नियमित परीक्षण जरूरी : इस बीमारी से बचने के लिए 40 की उम्र पार करने के बाद बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) का परीक्षण कराते रहना चाहिए. इससे पता लगता रहता है कि बीमारी का खतरा है अथवा नहीं. मामूली खर्च पर टोटल कोलेस्टेरॉल, किडनी ओर शुगर की जांच कराया गया.
