लापरवाही से अंकेक्षण बना मजाक

पुरैनी : प्रखंड क्षेत्र के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रावधान के अनुरूप सामाजिक अंकेक्षण नहीं किया गया है. महज एक दिखावा के रूप सेविकाओं व उनके पतियों द्वारा सामाजिक अंकेक्षण की कागजी खानापूर्ति कर संबंधित सदस्यों से एक एक हस्ताक्षर करा लिया गया है. प्रखंड के कुल नौ पंचायत में 78 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है. […]

पुरैनी : प्रखंड क्षेत्र के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रावधान के अनुरूप सामाजिक अंकेक्षण नहीं किया गया है. महज एक दिखावा के रूप सेविकाओं व उनके पतियों द्वारा सामाजिक अंकेक्षण की कागजी खानापूर्ति कर संबंधित सदस्यों से एक एक हस्ताक्षर करा लिया गया है. प्रखंड के कुल नौ पंचायत में 78 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है.

विभागीय निर्देशानुसार सामाजिक अंकेक्षण समिति के गठन को लेकर संबंधित केंद्र के वार्ड सदस्य, पंचायत सचिव योग्य महिला लाभार्थी के दो सदस्य, आशा कार्यकर्ता/एएनएम शिक्षक, सेवानिवृत्त सरकारी कर्मी, महिला पर्यवेक्षिका की उपस्थित एवं लाभुक के साथ सभा करना अनिवार्य है. लेकिन किसी भी केंद्र पर ऐसे देखने को नहीं मिला. सेविकाओं की उदासीनता व विभागीय लापरवाही के कारण महज एक मजाक बनकर रह गया है. प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्र पर ही प्रावधान के अनुसार सामाजिक अंकेक्षण होते देखा गया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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