ग्वालपाड़ा
प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में रविवार की रात कक्षा आठवीं के एक छात्रा 13 वर्षीय संतोषी कुमारी पुत्री बबलू शर्मा मझुआ संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गयी. इस घटना के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और विद्यालय प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे है. जानकारी के अनुसार संतोषी एवं उसकी छोटी बहन 12 वर्षीय अंशु कुमारी पिछले दो वर्षों से इसी विद्यालय में रहकर पढ़ाई कर रही थी. रविवार की रात विद्यालय में आयोजित एक डांस प्रोग्राम में शामिल होने एवं भोजन करने के बाद संतोषी करीब 9:30 बजे अपने कमरे में सोने चली गई थी.सोमवार की अहले सुबह तीन बजे साथ पढ़ रही छात्रा रबीना कुमारी बेसरा ने वार्डन रेणु वाला एवं राय कंचन राणा को संतोषी की तबीयत खराब होने की जानकारी दी. बताया जा रहा है कि जब वार्डन पहुंचीं, तो उन्होंने अन्य बच्चियों से संतोषी के शरीर पर तेल लगाने को कहा. तब तक छात्रा के शरीर में कोई हलचल नहीं थी. वार्डन ने बताया कि गार्ड पंकज कुमार ने मोटरसाइकिल से आनन-फानन में छात्रा को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गया. वहां ड्यूटी पर तैनात डॉ एमडी फिरोज ने जांच के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया. डॉक्टर का कहना है कि बच्ची अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ चुकी थी.
– परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप-मृतका की मां चुन्नी देवी ने विद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाये हुये कहा कि मैं रविवार को ही अपनी बेटियों से मिलने आई थी. वार्डन से संतोषी को घर ले जाने के लिए छुट्टी की मांग की थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. मेरी बच्ची बिल्कुल ठीक थी, उसे कोई बीमारी नहीं थी. अगर छुट्टी मिल जाती तो आज मेरी बेटी जीवित होती. संतोषी के एक मात्र भाई मिथुन कुमार अपने पिता के साथ रोजी रोजगार के लिए बराबर दिल्ली जाते फिलहाल भी दोनों बाप बेटा दिल्ली में है.
जानकारी हो कि विद्यालय में कुल 54 बच्चियां नामांकित हैं. ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान वार्डन रेणु वाला वर्ष 2008 से ही इसी पद पर कार्यरत हैं. पूर्व में भी एक बच्ची की अचानक मौत इस विद्यालय में हो चुकी है. सूचना मिलने पर पुलिस छानबीन में जुट गई है. छात्रा की अचानक हुई मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा.– शव को पोस्टमार्टम में भेजने के बाद स्थिति तनावपूर्ण-ग्वालपाड़ा थाना पुलिस के द्वारा शव को पोस्टमार्टम में भेजने के बाद मृत बच्ची के परिजन सहित अन्य सैकड़ों ग्रामीण कस्तूरबा विद्यालय के गेट पर पहुंच कर विलाप करने लगे. वहीं वरीय अधिकारी के आने एवं इंसाफ मिलने तक वे यहीं बैठे रहेगें. एसडीएम पंकज घोष ने पहुंच कर विद्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरा के फुटेज का अवलोकन किया. परिजन सहित ग्रामीणों से धैर्य धारण करने की बात कही. लोगों की नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट की तरफ लगी. फिलहाल संतोषी कुमारी की मां की स्थिति नाजुक होती जा रही है.
– जिला पदाधिकारी से उच्च स्तरीय जांच की है मांग –मृतका के चाचा राहुल कुमार ने विद्यालय प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय रहते समुचित इलाज की व्यवस्था नहीं की गई, जिससे बच्ची की जान चली गई. स्थानीय सरपंच रविंद्र प्रसाद यादव ने भी इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में पूर्व में भी लापरवाही के कई मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. उन्होंने जिला पदाधिकारी से उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है. इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है.
