शादी के दो वर्ष बाद संतान प्राप्ति पर मिलेगा लाभ

मिलेगा आदर्श दंपती का सम्मान मधेपुरा : देश में बढ़ती आबादी को रोकने के लिए सूबे की सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिये आम जनमानस को प्रेरित करने के लिए अग्रसर है. इस मिशन के पूरा होने से देश में मातृ-शिशु मृत्यु दर पर लगाम व हम दो हमारे दो की नीति को अमलीजामा पहनाने में […]

मिलेगा आदर्श दंपती का सम्मान

मधेपुरा : देश में बढ़ती आबादी को रोकने के लिए सूबे की सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिये आम जनमानस को प्रेरित करने के लिए अग्रसर है. इस मिशन के पूरा होने से देश में मातृ-शिशु मृत्यु दर पर लगाम व हम दो हमारे दो की नीति को अमलीजामा पहनाने में मदद मिलेगी. खासकर जनसंख्या विस्फोट के कगार पर पहुंच रही आबादी के बढ़ते क्रम को रोकने में मदद मिलेगी. इस अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार के स्तर से इसकी कवायद शुरू कर दी गयी है.
इस योजना के तहत शादी के दो वर्ष पूरा होने के बाद पहले बच्चे के जन्म पर सरकार पुरस्कार देकर बच्चे की माता को सम्मानित करेगी. इसके तहत बेटी के जन्म पर 12 हजार व बेटे के जन्म लेने पर 10 हजार रुपये दिये जायेंगे. इतना ही नहीं जनसंख्या में लगातार हो रही वृद्धि को सरकार ने चुनौती के रूप में लिया है. इसके लिए विस्तृत कार्य योजना बनायी गयी है.
प्रेरणा योजना से जनसंख्या नियंत्रण:
सरकार प्रेरणा योजना के माध्यम से न केवल जनसंख्या नियंत्रण करेगी, बल्कि बेटी बचाओ को प्रोत्साहित करेगी और बाल विवाह पर लगाम लगायेगी.
इस योजना के फलीभूत होने से मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी आयेगी. प्रेरणा योजना के तहत वैसी माताओं को पुरस्कृत किया जायेगा, जो 19 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद शादी करेंगी और शादी के दो वर्ष पूरे होने पर पहले बच्चे को जन्म देंगी.
तीन वर्ष बाद मिलेगा सात हजार
दूसरा बच्चा तीन वर्ष के बाद लड़की होने पर सात हजार व लड़का होने पर पांच हजार रुपये की राशि नकद इनाम के तौर पर दी जायेगी. इसके कार्यान्वयन के लिए सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिया गया है. दूसरे संतान के जन्म के बाद नसबंदी-बंध्याकरण कराने वाले को आदर्श दंपती का सम्मान दिया जायेगा. इतना ही नहीं गर्भधारण करने के बाद सभी तरह के नियमित जांच भी कराना होगा. इसके अलावा लाभुक का खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत निर्गत राशन कार्ड में नाम दर्ज होना आवश्यक है.
जनसंख्या स्थिरता कोष से मिलेगी राशि
प्रेरणा योजना के लिए ऐसे योग्य दंपती को विभाग के द्वारा चिह्नित किया जायेगा. जिन्होंने सरकारी स्तर पर प्रक्रिया अपनायी है. राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग को भेजे गये पत्र के अनुसार सरकार ने जनसंख्या स्थिरता कोष द्वारा प्रायोजित प्रेरणा योजना लागू की है. इस दिशा में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक सह विशेष सचिव स्वास्थ्य लोकेश कुमार ने डीएम को पत्र लिखा है. साथ ही डीएम स्तर से सिविल सर्जन को दिशा निर्देश दिया गया है. विभाग के अधिकारी का मानना है कि राज्य में लड़कियों की शादी औसतन 17.2 वर्ष में हो रही है. 12 प्रतिशत ऐसी महिलाएं हैं जो 19 वर्ष से पहले मां बन जाती है. वहीं 44.4 प्रतिशत ऐसी महिलाएं है जिनके दो बच्चों के बीच का जन्म अंतराल 36 महीने से कम है. जो उच्च प्रजनन दर का एक मुख्य कारण है. सही उम्र में शादी के बाद पहले बच्चे में विलंब व दूसरे बच्चे के बीच स्वस्थ अंतराल तथा दो बच्चे के बाद परिवार कल्याण के स्थायी उपाय अपनाने को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रेरणा योजना लागू की गयी है.
घरों में दबा रखे हैं हजार करोड़ रुपये, बैंकों का बिगड़ गया गणित, एटीएम में नो कैश
भारतीय रिजर्व बैंक से की गयी राशि की मांग

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >