एनएच पांच घंटे जाम, लोगों का सहारा बनी नाव भी दो बार पलटी
मधेपुरा : इलाज के दौरान सिंहेश्वर प्रखंड अंतर्गत इटहरी गहुमनी पंचायत के एकडेहरा निवासी अर्जुन साह (55) की मौत हो जाने के बाद आक्रोशित परिजन व ग्रामीणों ने गुरुवार को सुबह सात बजे जिला मुख्यालय के गुमटी पुल के पास एनएच 107 पर शव रख कर जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन व नारेबाजी की. लगातार पांच घंटे तक मधेपुरा-मुरलीगंज एनएच 107 के जाम रहने के कारण लोग पुल के नीचे से नाव के सहारे पार कर रहे थे.
नाव छोटी रहने के कारण और उसपर अधिक लोग सवार होने के कारण दो बार नाव पलट गयी. हालांकि सभी सवार को सुरक्षित बचा लिया गया. घटना की सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी गयी. इसके बाद अवैध रूप से संचालित नाविकों को हटाया गया.
पीएमसीएच में हुई मौत : अर्जुन को 23 मार्च को पड़रिया-मछबखरा सड़क पर कब्रिस्तान के पास मोटरसाइकिल सवार ने धक्का मार दिया था, जिससे वह जख्मी हो गया था.
इलाज के दौरान बुधवार को पीएमसीएच में अर्जुन की मौत हो गयी. स्थानीय पुलिस प्रशासन को सूचना देने के बाद कोई कार्रवाई नहीं होते देख ग्रामीणों ने जाम कर दिया. इससे एनएच पर वाहनों की लंबी कतार लग गयी. आवागमन में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. सूचना पर भर्राही ओपी पुलिस पहुंची लेकिन लोग वरीय अधिकारी को जाम स्थल पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे. जाम के कारण मुरलीगंज, पूर्णिया, पस्तपार, ग्वालपाड़ा, बिहारीगंज, आलमनगर, उदाकिशुनगंज, चौसा, भागलपुर जाने वाले लोगों को परेशानी हुई, लेकिन साढ़े 11 बजे तक जिला मुख्यालय से पुलिस के वरीय अधिकारी जाम स्थल पर नहीं पहुंचे.
टूटा विपत्ति का पहाड़ : अर्जुन साह की पत्नी फुलवती देवी तीन वर्ष पहले ही गुजर गयी थी. उस वक्त से अर्जुन साह बच्चों को माता व पिता दोनों का प्यार देते थे. मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का भरण पोषण करता था. परिजनों ने बताया कि पिता की मौत से पुत्री में कौशल्या देवी, सुबिला देवी, कुमिला देवी, सुनिता देवी, आशा देवी, गीता कुमारी व कल्पना कुमारी का रो-रो कर बुरा हाल है.
शव देखते ही आक्रोशित हुए ग्रामीण
शव गांव पहुंचते ही परिजन व ग्रामीण आक्रोशित हो गये. गुरुवार की सुबह ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय के गुमटी पुल के समीप एनएच 107 को जाम कर आवागमन बाधित कर दिया. आक्रोशित लोगों का कहना था कि घटना के बाबत स्थानीय अधिकारियों को पूर्व में सूचना व आवेदन भी दिया, लेकिन पुलिस अधिकारी के द्वारा किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गयी. सिंहेश्वर के सीओ कृष्ण कुमार सिंह के आश्वासन पर ग्रामीणों ने हटाया. सीओ ने मृतक के आश्रितों को चार लाख रुपया मुआवजे देने की बात कही. उन्होंने कहा कि बाइकसवार पर कार्रवाई की जायेगी.
