कोर्ट में अनुसेवक के पद पर फर्जी बहाली करने के मामले में जिप सदस्य दोषी

मधेपुरा : व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित एडीजे प्रथम सह विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति, जनजाति रमण कुमार की अदालत ने सोमवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए चौसा के जिला पार्षद रोहित सौरेन उर्फ चंदन यादव को धोखाधड़ी, कागजों के साथ फर्जीवाड़े के मामले में दोषी ठहराया. हालांकि सजा के बिंदु पर सुनवाई अभी बाकी […]

मधेपुरा : व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित एडीजे प्रथम सह विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति, जनजाति रमण कुमार की अदालत ने सोमवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए चौसा के जिला पार्षद रोहित सौरेन उर्फ चंदन यादव को धोखाधड़ी, कागजों के साथ फर्जीवाड़े के मामले में दोषी ठहराया. हालांकि सजा के बिंदु पर सुनवाई अभी बाकी है.

एक बड़े दल से भी जुड़ा है सोरेन : रोहित सोरेने उर्फ चंदन यादव फर्जी तरीके से कमायी गयी राशि से इतना रसूखदार हो गया कि उसने जिला परिषद का चुनाव तो जीत लिया.
कोर्ट में अनुसेवक…
वहीं एक कद्दावर नेता के खिलाफ अपशब्द पोस्ट करने के आरोप ने उसे जेल की सलाख के पीछे पहुंचाया. वहीं फर्जीवाड़ा का मुकदमा भी हो गया. इस तरह के मुकदमे रोहित सोरेन पर बिहार के कई जिलों में दर्ज हैं, लेकिन चौसा थाने के तेजतर्रार थानाध्यक्ष सुमन कुमार सिंह द्वारा मामले की गहन अनुसंधान कर तमाम साक्ष्य व कागजात उपलब्ध कराने के बाद न्यायालय द्वारा न्याय करते हुए रोहित सोरेन को दोषी करार दिया गया. रोहित सोरेन के पैसे की ताकत व बढ़ते कद की वजह से एक बड़े राजनीतिक दल ने क्रीड़ा मंच का जिला उपाध्यक्ष मनोनीत कर रखा है. गौरतलब है कि रोहित ने जेल से भी बॉडीगार्ड की मांग की थी.
क्या है मामला
मामले में सूचक दीपक कुमार पासवान के अनुसार रोहित सौरेन उर्फ चंदन यादव ने पटना उच्च न्यायालय में चतुर्थ वर्गीय कर्मी का नौकरी दिलवाने के लिए अपने खाते में 25 हजार व 50 हजार रुपये लिया. सूचक जब नौकरी में योगदान करने
पटना उच्च न्यायालय पहुंचा, तो वहां पता चला कि ऐसी कोई नौकरी ही नहीं है. जब वापस आकर दीपक ने रोहित से पैसे की मांग की तो दीपक के साथ मारपीट की तथा जाति सूचक गाली गलौज किया. इस संदर्भ में चौसा थाने में मामला दर्ज करवाया गया, जो बाद में अनुसूचित जनजाति वाद 357/17 में परिवर्तित हुआ.
इस मामले में 19 अगस्त 2017 को भादवि की धारा 420, 467, 468, 504 के तहत व अनुसूचित जाति, जनजाति की धारा 3 (1)(x) के तहत आरोप का गठन हुआ. इससे पूर्व भी कोतवाली थाना पटना में थाना कांड संख्या 115/15 अंदर धारा 467, 468, 471, 420 भादवि के अंतर्गत रोहित के विरुद्ध दर्ज है. इसके अलावा अपना नाम बदलने तथा दूसरे की जमीन अपने नाम बदलकर करवाने का मामला इस पर दर्ज है. मामले में बचाव पक्ष की ओर से पैरवी कृतनारायण यादव व सरकार की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक चंद्रशेखर यादव कर रहे हैं.

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