कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज में बनेगा हेलीपैड

मेडिकल कॉलेज में एयर एंबुलेंस की व्यवस्था विकसित करनी थी तकनीकी कारणों से रोके जाने पर डीएम हुए नाराज मधेपुरा : जिले के सिंहेश्वर प्रखंड क्षेत्र में निर्माणाधीन जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज का बुधवार को डीएम मो सोहैल ने निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने निर्माण की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली. इस दौरान कर्पूरी […]

मेडिकल कॉलेज में एयर एंबुलेंस की व्यवस्था विकसित करनी थी

तकनीकी कारणों से रोके जाने पर डीएम हुए नाराज
मधेपुरा : जिले के सिंहेश्वर प्रखंड क्षेत्र में निर्माणाधीन जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज का बुधवार को डीएम मो सोहैल ने निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने निर्माण की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली. इस दौरान कर्पूरी ठाकुर की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने के लिए स्थल चिह्नित करने के लिए भी जायजा लिया गया. डीएम ने इसके लिये ऑडिटोरियम के सामने के प्रतिमा स्थापित करने की बात कही. इस पर निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर ने अनिल कुमार सिंह ने उन्हें बताया कि भवन के निर्माण की रूपरेखा में कुछ परिवर्तन किया गया है. परिसर में ऑडिटोरियम का निर्माण अब नहीं किया जायेगा. इसी दौरान यह भी बताया गया कि अब हेलीपैड का निर्माण भी टाल दिया गया है, चूंकि हेलीपैड ऑडिटोरियम की छत पर ही बनाया जाना था.
इस पर डीएम नाराजगी जताते हुए इस फेरबदल की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि मधेपुरा में इस मेडिकल कॉलेज को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के तौर पर विकसित किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने अपने दौरे में कहा था कि नेपाल की सीमा के नजदीक होने के कारण सामरिक दृष्टि से भी यह अस्पताल महत्वपूर्ण है. चीन की सीमा यहां से नजदीक है. किसी भी विषम परिस्थिति में इस अस्पताल का उपयोग हो सके, इसकी पुख्ता तैयारी होनी चाहिये. वहीं किसी भी आपदा के दौरान भी लोगों को हवाई मार्ग के जरिये इस अस्पताल तक पहुंचाया जा सके, इसके लिये यहां हेलीपैड का होना बेहद जरूरी है. डीएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत निर्माण एजेंसी के वरीय अधिकारियों से बात की. डीएम ने कहा कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में भी अस्पताल में हेलीपैड का निर्माण अवश्य होगा.
विशेषज्ञ की देखरेख में भवन बनेगा अस्पताल. डीएम ने निरीक्षण के दौरान कहा कि अस्पताल के इस भवन को अस्पताल में तब्दील करने में किसी विशेषज्ञ की जरूरत पड़ेगी. उन्होंने बताया कि पहले ही इस बारे में किसी विशेषज्ञ को आॅउटसोर्स करने का निर्देश दिया था. इस दिशा में मंजूरी मिल गयी है. जल्द ही किसी मेडिकल कॉलेज के सेवानिवृत्त प्राचार्य को हायर किया जायेगा. उनकी निगरानी व देखरेख में भवन को अस्पताल में तब्दील किया जायेगा. डीएम ने बताया कि अस्पताल की बारीकियों व जरूरतों को निर्माण एजेंसी नहीं समझ सकती. इसके लिये किसी विशेषज्ञ की जरूरत पड़ेगी. जल्द ही आगे की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी.
इस साल शुरू हो जायेगा अस्पताल. डीएम ने बताया कि मधेपुरा में राज्य के सबसे अत्याधुनिक अस्पताल जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य अंतिम अवस्था में है. वर्ष 2018 में 850 करोड़ की लागत से बना यह मेडिकल कॉलेज अस्पताल शुरू हो जाना है. इस अस्पताल के शुरू हो जाने से संपूर्ण कोसी क्षेत्र ही नहीं मिथिला व नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र लिये भी संजीवनी साबित होगा. ‍ऊर्जा के कम खपत के लिए ग्रीन बिल्डिंग बनाया जा रहा है. विद्युत आपूर्ति के लिए कैंपस में ही पावर सब स्टेशन का निर्माण हो रहा है. इस मेडिकल कॉलेज में एयर एंबुलेंस की व्यवस्था भी विकसित की जायेगी. इसके लिये हेलीपैड भी बनाया जा रहा है. इसमें 500 बेड होगा. प्रतिवर्ष 100 छात्रों नामांकन होगा. कैंपस वाईफाई होगा. आइसीयू में 42 बेड होंगे. 06 डायलेसिस यूनिट रहेंगे. एसी ऑडिटोरियम होगा और मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बनाया जायेगा. ऊंचे भवनों के लिए लिफ्ट का इंतजाम है और ऑटोमेटिक फायर फाइटिंग सिस्टम बनाया जा रहा है. इस अस्पताल के बनने के बाद मधेपुरा व सिंहेश्वर को मेडिकल हब के तौर पर जाना जायेगा.
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