जिला कृषि कार्यालय में हुआ समारोह
मधेपुरा : जिला कृषि कार्यालय में मंगलवार को इ मंडी मधेपुरा से लोगों को जोड़ने के लिए समारोह का आयोजन किया गया. समारोह का उद्घाटन जिला पदाधिकारी मो सोहैल ने किया. मौके पर उपस्थित जिला कृषि पदाधिकारी यदुनंदन प्रसाद यादव ने इ मंडी मधेपुरा के बारे में किसानों को विस्तृत रूप से जानकारी दी. जिला पदाधिकारी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि ये मंडी नहीं बल्कि एक प्लेटफॉर्म है. ये मंडी हमारा नहीं आपका है. इसमें किसान खुद रजिस्ट्रेशन करवाएं. रजिस्ट्रेशन करवाने में अपना आधार कार्ड व मोबाइल नंबर डाले.
रजिस्ट्रेशन उपरांत किसान अपने व अपने प्रोडक्ट का फोटो इस वेबसाइट पर डालें. इस मंडी से लगभग सभी राज्यों के बाजारों को जोड़ा गया है. किसान जहां चाहे वहां से क्रय-विक्रय कर सकते हैं. इस मंडी के खुलने से किसान और उत्साहित होंगे और अपनी उत्पादों पर अच्छी मेहनत करेंगे, जिसके कारण अच्छी उपज होगी. उन्होंने कहा कि इस वेबसाइट पर आगे किसानों के खाता संख्या भी डालने का प्रयास किया जा रहा है. इससे किसान घर बैठे अपने उत्पादों का क्रय-विक्रय कर सकते हैं. मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र से डा आरपी शर्मा, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सुनील कुमार, परियोजना निदेशक आत्मा राजन बालन, औषधि कृषक शंभू शरण भारतीय, आनंद कुमार, मशरूम उत्पादक शंकर कुमार व सभी प्रखंड के किसान उपस्थित थे.
लागत मूल्य के अनुसार फसल की कीमत दिलाना है प्राथमिकता:
मधेपुरा कोसी नदी के किनारे अवस्थित एक जिला है जहां हर वर्ष बाढ़ की स्थिति आते रहती है, बाढ़ आने के कारण यहां की मिट्टी बाढ़ द्वारा लाये गये पोषक तत्वों के कारण उपजाऊ हो जाती है. मिट्टी की उर्वरा शक्ति अच्छी होने के कारण यहां के फसलों की औसत उपज लगभग उनके राष्ट्रीय उत्पादकता के सामने है, लेकिन यहां के किसानों की हमेशा शिकायत रहती है कि उन्हें उनके लागत मूल्य का उचित लाभ या फादा नहीं मिल पाता है, इस समस्या के निराकरण के लिए जिला प्रशासन ने आत्मा व कृषि विज्ञान केंद्र के सहयोग से ई मंडी, मधेपुरा नामक वेबसाइट खोलने का निर्णय लिया. इसके माध्यम से किसान उचित मूल्य पर अपने उत्पादों का विक्रय या निर्यात कर सकते है, इस मंडी के द्वारा किसान को व्यापक बाजार मिलेगा. अपने उत्पादों को व्यवसायियों के द्वारा बेच सकते है.
गुणवत्ता के लिए लेना होगा केवीके से प्रमाण पत्र: इ मंडी के तहत गुणवत्तापूर्ण उत्पादों का ही विक्रय किया जायेगा. इसके लिए उनके उत्पादों का प्रमाणीकरण कृषि विज्ञान केंद्र या विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा किया जायेगा. इ मंडी मधेपुरा का एक मात्र उद्देश्य है कि किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य दिलाकरण उनके आर्थिक एवं सामाजिक स्तर का विकास करना है. चूंकि मधेपुरा जिला में सीमांत कृषकों की संख्या है. अत: उनके भी सामाजिक एवं आर्थिक विकास हेतु ई मंडी लाभप्रद साबित होगा.
इस मंडी अंतर्गत किसान खाद्यान्न फसलें- गेहूं, मक्का, धान, दलहनी फसलें – चना, मूंग, अरहर, अन्य दाल वाली फसलें, तेलहनी फसलें – राई, सरसों, सोयाबीन, सूर्यमुखी, अंडी आदि, मसाला फसलें – अदरक, हल्दी, मिर्च, धनियां, फल – आम, लीची, अमरूद, केला, पपीता, औषधीय फसलें – सतावर, कलमेघ, मेंथा तेल, लेमन ग्रास, लता कस्तुरी, वच्र, पिपली, सर्पगंधा, सब्जी फसलें, आलू, प्याज, ओल, बैंगन, भिडी, मूली, गाजर आदि नकदी फसलें मशरूम, जूट, गन्न शामिल है.
मधेपुरा में सीएम ने लांच की थी इ-मंडी वेबसाइट
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समीक्षा यात्रा के दौरान सिंहेश्वर के मवेशी हाट परिसर स्थित मंच से इ मंडी वेबसाइट लांच किया था. इसका उद्देश्य किसानों को व्यापक बाजार देना है. इस बाजार में किसान बिना किसी मोल भाव के अपने उत्पादों को व्यवसायियों के हाथ बेच सकते है. किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाकर उनका आर्थिक व सामाजिक स्तर पर विकास करने की कवायद के तहत डीएम की परिकल्पना पर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सुनील कुमार द्वारा बनाये इस वेबसाइट के आधार पर बिहार के किसानों को मंडी से सीधे जोड़ा गया है. इ मंडी किसानों के लिए एक प्लेटफॉर्म का काम करेगा.
