सिंहेश्वर स्थान को मिले पर्यटन स्थल का दर्जा

मधेपुरा : जिले की धार्मिक नगरी सिंहेश्वर स्थान की पौराणिकता स्वयंसिद्ध है. इसे पर्यटन स्थल का दर्जा देने की मांग लंबे समय से होती रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कई बार बाबा सिंहेश्वरनाथ के दरबार में माथा टेका और इस स्थल के उन्नयन के लिए कई योजनाएं भी दीं, लेकिन इनमें से एक भी […]

मधेपुरा : जिले की धार्मिक नगरी सिंहेश्वर स्थान की पौराणिकता स्वयंसिद्ध है. इसे पर्यटन स्थल का दर्जा देने की मांग लंबे समय से होती रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कई बार बाबा सिंहेश्वरनाथ के दरबार में माथा टेका और इस स्थल के उन्नयन के लिए कई योजनाएं भी दीं, लेकिन इनमें से एक भी योजना कभी भी पूरा नहीं हो पायी. न सिंहेश्वर स्थान को पर्यटन स्थल का दर्जा ही प्राप्त हुआ है. यहां तक कि शिवरात्रि में लगने वाले यहां के विशाल मेला को भी बिहार राज्य मेला प्राधिकरण द्वारा अंगीकृत नहीं किया गया है. पहले योजना के पहले चरण में पाथ वे का काम अधूरा रहा और दूसरे चरण का काम शुरू ही नहीं हो पाया.

मुख्यमंत्री के निर्देश पर वर्ष 2013 में शिवगंगा का शुरू हुआ था जीर्णोद्धार. पर्यटन विभाग ने 2013 के सितंबर माह में शिवगंगा की सूरत बदलने वाले प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया था. उसकी वक्त जानकारी दी गयी थी कि 18 महीने में ढाई करोड़ की राशि की लागत से शिवगंगा घाट निर्माण कार्य को युद्ध स्तर पर पूरा किया जाना है. शिवगंगा निर्माण कार्य को कई हिस्सों में बांटा गया था. तालाब के चारों ओर टो वाल निर्माण, सैंड स्टुम पाथ वे निर्माण, घाट निर्माण और शेड का निर्माण करना था.
इसमें सैंड स्टुम पाथ वे निर्माण अधूरा ही रह गया. वहीं पहले बताया गया कि तालाब के चारों ओर घाट का निर्माण होगा, लेकिन केवल तालाब के पश्चिमी किनारे पर ही पूर्ण घाट बनाया गया. शेष तीनों किनारे पर अंशत: बनाया गया.
सीएम ने दिये थे पूर्ण घाट और धर्मशाला बनाने का निर्देश
वर्ष 2016 में एक बार फिर सिंहेश्वर मंदिर पहुंचे सीएम ने शिवगंगा घाट पर शेष तीन तरफ भी पूर्ण सीढ़ी बनाने का निर्देश दिया. उनके निर्देश के एक वर्ष बाद शिवगंगा घाट पर सीढ़ी बनाने का कार्य शुरू हुआ. शिवगंगा घाट के पूर्वी किनारे पर 95 लाख रुपये की लागत से सीढ़ी का निर्माण किया जाना है. 17 अक्तूबर को डीएम मो सोहैल ने भूमि पूजन किया था. इस योजना पर फिलवक्त काम जारी है. इस कार्य को मई 2018 में पूरा किया जाना है. वहीं लगभग साढ़े तीन करोड़ की लागत से धर्मशाला का भी निर्माण होना है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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