मधेपुरा : समाज बदलाव की डगर पर है. मुखिया नीतीश कुमार ने बाल विवाह व दहेज मुक्ति के लिए अभियान छेड़ रखा है. इस हवा के बीच प्रेमी जोड़े कहीं न कहीं आत्मिक रूप से मजबूती पा रहे है कि उनके द्वारा किया जा रहा प्रेम विवाह न केवल दहेज मुक्त है. बल्कि जाति व अन्य बंधनों को भी तोड़ रहा है. सोमवार को खुशबू व जमसा की बातें कुछ इसी अंदाज में सामने आयी. खुशबू ने कहा कि वह पढ़ी लिखी है, ऊंच नीच समझती है. उसने सोच समझकर अपनी मर्जी से जिंदगी का सफर तय करने के लिए हमसफर चुना है. इससे घर वाले परिजनों को आपत्ति नहीं होनी चाहिए. खुशबू ने एएसपी को कहा उसके परिजन जानते थे,
लेकिन उसके बाद भी अपहरण का मुकदमा दर्ज कराकर सबों को परेशान किया गया. उसने कहा कि दहेज व सामाजिक बदलाव के लिए प्रेम विवाह को उदारता से स्वीकारना होगा. वहीं जमसा ने पढ़ाई नहीं की है. वह कहती है उसे साजन में ही अपना साजन दिखा. उसने भी अपने परिजनों द्वारा अपहरण का मुकदमा दर्ज करने को गलत बताया, कहा कि उसके व साजन के बारे में लगभग सबको पता था. एएसपी दोनों की बातों को सुनने के बाद कहा कि बिहार में परिवर्तन हो रहा है. आधी आबादी न केवल अपनी बात मुखरता से रख रही है. बल्कि अपने अधिकारों के प्रति भी सचेत है. पुलिस अपनी जिम्मेवारी निभाने में हमेशा आगे है. दोनों लड़कियों को न्यायालय में बयान कराने के बाद न्यायालय के आदेश पर आगे निर्णय लिया जायेगा.
