आक्रोश. जिले भर के बीडीओ व जनप्रतिनिधियों का जिला मुख्यालय में लगा जमघट
मधेपुरा : जिले के सदर प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित प्रखंड विकास पदाधिकारी के सरकारी आवास से गुरुवार को बीडीओ दिवाकर कुमार की गिरफ्तारी से शहर का माहौल बदल गया है. एक तरफ जहां गुरुवार को बीडीओ आवास पर जिले भर के बीडीओ सहित जनप्रतिनिधियों का जमघट लगा रहा. वहीं पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ प्रखंड कार्यालय के कर्मी शुक्रवार को फिर से सड़क पर उतर गये. इस दौरान शहर के कर्पूरी चौक व कॉलेज चौक पर बीडीओ समर्थकों ने चक्का जाम कर दिया. साथ ही बाजार को भी बंद कराया. हालांकि बाजार बंद काफी असरदार नहीं रहा, लेकिन चार घंटे के चक्का जाम में पूरा शहर ठहर सा गया.
इससे पहले सदर प्रखंड के बीडीओ दिवाकर कुमार के गिरफ्तारी के विरोध में लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया. सड़क जाम करते लोगों ने इंदिरा आवास सहायक नीतीश कुमार को अविलंब निलंबित करने की जिला प्रशासन से मांग की. साथ ही साथ प्रदर्शनकारी बीडीओ दिवाकर कुमार प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे थे. लोगों ने शहर में मोटर साइकिल जुलूस निकालकर दुकानों को बंद कराया शहर के कॉलेज चौक कर्पूरी चौक को जाम कर विरोध प्रदर्शन किया.
लगभग तीन घंटे तक कॉलेज चौक कर्पूरी चौक को लोगों ने जाम कर नारेबाजी करते हुए जिला प्रशासन से बीडीओ प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की. इस दौरान उपप्रमुख प्रमुख संघ के प्रदेश अध्यक्ष जयकांत यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष स्वदेश कुमार, मुखिया अनिल अनल, आशीष कुमार, अरविंद यादव आदि ने जिला पदाधिकारी को मांग पत्र सौंपा. मांग पत्र में इंदिरा आवास सहायक नीतीश कुमार को निलंबित की मांग की गयी. बीडीओ पर लगाये गये आरोप का उच्चस्तरीय जांच की मांग की.
डीएम ने लोगों को आश्वासन दिया कि इंदिरा आवास सहायक नीतीश कुमार के जांच का आदेश डीडीसी को दिया गया और बीडीओ पर आरोप को विभाग को लिखने की बात कही. इधर, जाम के दौरान शहर की यातायात ठप हो गयी. प्रदर्शनकारियों ने आम वाहनों के साथ-साथ एंबुलेंस को भी जाम से निकलने नहीं दिया. अंत में प्रशासनिक पदाधिकारी ने आश्वासन देकर जाम को समाप्त करवाया.
