जागरूकता. दहेज प्रथा व बाल विवाह पर नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन
कार्यक्रम में बच्चों व अभिभावकों ने लिया भाग
जीतापुर : दहेज न लेंगे न देंगे. समाज से दहेज प्रथा को खत्म होना चाहिए. अब न कहीं बहू जलेगी न बेटी को अभिशाप समझा जायेगा. बाल विवाह अब नहीं होने देंगे. सब को जागृत होना है. बाल विवाह समाज के मुंह पर एक तमाचा है.
कम से कम 18 वर्ष की आयु में लड़की की शादी हो 21 से ऊपर लड़के का शादी हो. ये बात बिहार सरकार द्वारा चलाये जा रहे बाल विवाह व दहेज प्रथा के खिलाफ नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बेलारी के दुर्गा स्थान परिसर में कही. जिसमें भारी संख्या में बच्चों व अभिभावक ने भाग लिया और कलाकारों का उत्साह बढ़ाया. मुखिया विश्वबंधू बादल ने मौके पर कहा समाज में बाल विवाह व दहेज प्रथा के खिलाफ युवाओं को आगे आना होगा. तब इस बुराई पर जीत होगी.
समाज को जगाना होगा. पढ़ने की उम्र में शादी नहीं होनी चाहिए. मौके कलाकार गणेश कुमार, शशिभूषण, इत्यानंद यादव, पंकज कुमार, आशीष, सुनील, गुरुप्रषद, प्रियंका प्रिय, कंचन कुमारी, रेखा कुमारी, शबनम सहित टीचर मुकेश, वीरेंद्र आदि मौजूद थे.
