कभी राज्य स्तरीय खिलाड़ी देने वाला मैदान था उपेक्षित
मिली स्टेडियम की स्वीकृति, डीएम ने कहा जल्द होगा कार्य प्रारंभ
मधेपुरा : कभी जिला खेल के मामले में राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी हनक रखता था. जेनरल स्कूल (शिव नंदन प्रसाद इंटरस्तरीय विद्यालय) का मैदान गवाह है कि यहां पर खेलने वाले खिलाड़ियों ने क्या मुकाम हासिल किया. इसी मैदान पर खेले स्वतंत्रता सेनानी व खिलाड़ी सूबालाल यादव, पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रसाद यादव उर्फ राजो बाबू ने फुटबॉल की धमक से उस समय हर जिले को मधेपुरा की ताकत का एहसास कराया था. बिहार फुटबॉल टीम के कप्तान रहे बीएन गांगुली उर्फ गोदाई दॉ ने भी खेल का ककहरा इसी मैदान से सीखा था. गत 15 वर्षों से उपेक्षा का शिकार यह मैदान कराह रहा था.
जलजमाव की वजह से हमेशा झील में तब्दील, इस मैदान पर कभी खिलाड़ी नहीं आते थे, बस एक किनारे बने शिक्षा विभाग के कार्यालय में जाने वाले लोग आते थे. लेकिन डीएम मो सौहेल के प्रयास से इस मैदान के दिन एक बार फिर बदलने वाले हैं. यहां 300 मीटर ट्रैकयुक्त स्टेडियम की स्वीकृति मिल गयी है. इसके बाद खेल प्रेमियों में एक बार फिर इस मैदान के गुलजार होने की खबर मात्र से रोमांच आ गया है.
पांच खेल स्टेडियमों का होगा निर्माण
मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत जिले में सभी 13 प्रखंड के लिए स्टेडियम का प्रस्ताव कला, संस्कृति व युवा विभाग, बिहार पटना को प्रेषण किया. जिसमें से दो स्टेडियम वासुदेव उच्च विद्यालय, नया टोला व मध्य विद्यालय, पुरैनी में निर्माण कार्य स्वीकृति के बाद प्रारंभ हो चुकी है. वर्ष 2017-18 में पूरे राज्य के लिए 24 स्टेडियम की स्वीकृति विभाग द्वारा दी गयी, जिसमें पांच स्टेडियम जिला को प्राप्त हुआ है, जिसमें आलमनगर प्रखंड के उच्च विद्यालय, खापुर, मधेपुरा प्रखंड के शिवनंदन प्रसाद प्लस टू उच्च विद्यालय, शंकरपुर प्रखंड के कारी अनंत उच्च माध्यमिक प्लस टू विद्यालय, कुमारखंड प्रखंड के देवानारायण उच्च विद्यालय रानीपटटी इन चारों स्थानों पर 300 मीटर ट्रैकयुक्त स्टेडियम का निर्माण की स्वीकृति दी गयी है तथा पांचवां बिहारीगगंज प्रखंड के राजकीय बुनियादी विद्यालय, तुलसिया में फुटबॉल स्टेडियम के लिए भी स्वीकृति प्राप्त हो गयी है. चार प्रखंडों में ट्रैकयुक्त प्रत्येक स्टेडियम के निर्माण की लागत राशि 68, 23, 700 रुपया है, जबकि फुटबॉल स्टेडियम के लिए 54, 74, 700 रुपया है. शेष प्रखंडों में भी स्वीकृति की कार्रवाई चल रही है. इन स्टेडियमों के निर्माण से जिलों में खेल के विकास की गति प्राप्त होगी.
