श्रावणी मेला शुरू. सुरक्षा चाक-चौबंद, बनाये गये अतिरिक्त प्रवेश द्वार, प्रथम सोमवारी आज
मंदिर परिसर में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गयी है वहीं शिवगंगा में वोट के साथ गोताखोर मौजूद रहेंगे. श्रद्धालुओं की निकासी उत्तर दिशा के द्वार से की जायेगी.
सिंहेश्वर : बिहार के सुप्रसिद्ध सिंहेश्वर स्थान मंदिर में सावन माह की पहली सोमवारी को आज लाखों श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे. वहीं रविवार को अहले सुबह सैकड़ों की संख्या में डाक बमों का जत्था सिंहेश्वर से आगवानी घाट के लिए रवाना हुआ. गंगाजल भर कर सोमवार को सैकड़ों डाक बम बाबा सिंहेश्वर नाथ का गंगाभिषेक करेंगे. उधर, सावन माह के प्रथम सोमवारी को लेकर प्रशासन ने सारी तैयारियां पूरी कर ली है.
डीएम के निर्देष पर भक्तों को हर सुविधा स्थानीय लोगों की सहभागिता से पूरी की जायेगी. इसमें गरम पानी, ग्लुकोज, तेल व एम्बुलेंस जैसी सुविधा सहित कई बुनियादी सुविधा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध रहेगी. ताकि बाबा के भक्तों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े. पहली सोमवारी में बड़ी भीड़ की संभावनाओं के देखते हुए पूर्व की तरह बाबा के मुख्य द्वार को बांस व बल्ले के सहारे पुख्ता कर दिया गया है. जिसमें साधारण भक्तों के साथ- साथ डाक बम दंड प्रणाम देने वालों को कोई परेशानी न हो.
सीधे बाबा तक पहुंचेंगे डाक बम. अगुवानी व मुंगेर घाट से गंगाजल भर कर आने वाले डाक बम के प्रवेश को लेकर कोई निषेधाज्ञा नहीं है. वे सीधे बाबा तक पहुंचेंगे. डाक बम जिस ओर से प्रवेश करना चाहे उन्हें कोई रोक टोक नहीं रहेगा. डाक बम के लिए स्थानीय सहायता समूह के द्वारा अलग से व्यवस्था की गयी है. डाक बम व दंड प्रणाम देने वाले बम के लिए किसी प्रकार का निषेद्याज्ञा नही है वो किसी भी गेट से बाबा तक पहुंच सकते हैं. भोले बाबा के मंदिर परिसर में भीड़ से बचने के लिए साधारण बम उत्तर दिशा से निकलने का प्रयास करेंगे. कांवरियों की सुविधा के लिए भी प्रशासन पुरी तरह तैयार है.
कतारबद्ध करें अपने बारी का इंतजार. मंदिर परिसर में किसी प्रकार की कोई घटना न हो इसके लिए महिला व पुरूष भक्तजनों के लिये के लिये अलग- अलग प्रवेश द्वार बना गया है. इसके लिए बेरिकेटिंग की व्यवस्था की गयी है. बेरिकेटिंग के अंदर कतार में खड़े होकर अपने बाड़ी का इंतजार करेंगे. वहीं बड़े बुर्जुग को प्राथमिकता देने और कोताहल या अन्य शोर शराबें पर ध्यान न देने को कहा गया है. प्रशासन के सहयोग से भयमुक्त होकर श्रद्धालु बाबा का जलाभिषेक करेंगें और प्रशासन का सहयोग करें. किसी भी प्रकार के लावारिस वस्तु पर नजर पड़े तो इसकी सूचना पास में खड़े पुलिस को दें.
जलाभिषेक बाबा को है प्रिय. शास्त्रों के अनुसार भोले बाबा को श्रावण मास में जल सर्वाधिक प्रिय है और इसके साथ बेलपत्र व भांग हो तो वे भक्तों पर ज्यादा प्रसन्न होते हैं. कहतें हैं कि समुद्र मंथन के दौरान जब देवता के हिस्से में विश आया देवता ने उसे लेने से इनकार कर दिया. देवता की ओर से किसी को आगे आता नहीं देख असुर प्रसन्न होते गये. ऐसे में त्रिभुवननाथ बाबा भोले ने विश को ग्रहण किया और देवता की रक्षा की. इसी विश को शांत करने के लिए भक्तों के द्वारा बाबा का जलाभिषेक किया जाता है. पुराणों के अनुसार बाबा का बेल्व पत्र व गंगा जल से अभिषेक करने से सारे पाप कट जाते हैं और भोले बाबा भक्तों को मनवांछित फल देते हैं.
आज से बढ़ने लगेगी भक्तों की भीड़. रूक रूक कर वरूण देव के द्वारा बारिश की फुहार के बीच आज से भक्तों के भीड़ में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है. श्रावण माह की पहली सोमवारी आज होने की वजह से श्रद्धालुओं के भीड़ में इजाफा देखा जा रहा है. अनुमान लगाया जा रहा है कि पूर्व वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष बाबा के भक्तों में काफी इजाफा हो सकता है.
अंधेरे से दूर रहेगी बाबा नगरी. बाबा नगरी को रोशन करने के लिए डीएम मो सुहैल के निर्देश पर मंदिर के आस पास के क्षेत्र में एलइडी बल्ब लगाये जा रहे हैं ताकि श्रावण व भादो के मेले में श्रद्धालुओं को कोई परेशानी का सामना न करना पड़े.
स्थानीय लोगों में उत्साह. श्रावण मेले को लेकर का स्थानीय लोगों में खासे उत्साह देखा जा रहा है, खासकर दुकानदारों में. श्रावण में कई स्थानीय संगठन आगे आकर भक्तों की सेवा में तन मन से लगे रहेंगे. स्थानीय युवाओं का कहना है कि उन्हें बाबा के भक्तों का सेवा करने का मौका मिलता है. इससे भी भोले बाबा प्रसन्न होते हैं. वहीं पूर्व वर्षो की तरह युवा संघ भी बाबा के भक्तों की सेवा में लगे रहेंगे.
पॉकेटमारों से रहे सावधान. भक्तों की भीड़ में कुछ असामाजिक तत्व श्रद्धालुओं के जेब को साफ कर सकते हैं. प्रशासनिक स्तर पर श्रद्धालुओं से अपील किया गया है कि मंदिर में सोने व कीमती जेवर पहन कर न जाएं और पॉकेट में पर्स ले जाने में सावधानियां बरतें. पुलिस प्रशासन भक्तों की जेब ढीली न हो इसमें विशेष सावधानियां बरत रही है. सादे लिवास में पुलिस बल भीड़ भाड़ वाले जगह पर तैनात रहेगी ताकि भक्तों की जेब पर जेबकतरों की बुरी नजर न पड़े.
कठिन है बाबा नगर का डगर. करीब आठ दिनों से लगातार हो रही बारिस के कारण बाबा नगरी में चारों ओर कीचड़ व कचड़ा जमा हो जाने के कारण सावन में आने वाले भक्तों के लिए बाबा नगरी का डगर जोखिम भरा हो सकता है. भक्तों को कोई परेशानी न हो, प्रशासन इसके लिए पूरी तरह कमर कस चुकी है.
कुमारखंड : प्रखंड के इसरायण बेला व बिशनपुर बाजार व इसरायण खुर्द पंचायत से बोलबम के जयकारे के साथ कांवरियों का दल बाबा की नगरी के लिए रवाना हुआ. जानकारी के अनुसार रविवार को इसरायण बेला पंचायत निवासी पंकज कुमार व बिशनपुर बाजर के पूर्व मुखिया अनमोल यादव के नेतृत्व में कांवरियों का दल बाबा धाम के लिए रवाना हुआ. इस दौरान रवाना होने से पहले मधुबनी व टिकुलिया बाजार में पूजा-अर्चना की गयी व अपने-अपने घरों से कांवर लेकर सावन की पहली सोमवारी को जलाभिषेक करने के लिए डाकबम के रूप में रवाना हुए. इस संबंध में पूर्व मुखिया अनमोल यादव ने बताया कि यहां से हम लोग सबसे पहले सुलतानगंज में गंगा स्नान कर जल भरेंगे और फिर वहां से पैदल बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर बाबा को जलाभिषेक करेंगे. वहां से पुन: बाबा बासुकीनाथ पहुंचकर जल चढ़ाएंगे. इसके बाद पूजा अर्चना करते हुए बाबा सिंहेश्वर पहुंचेंगे व वहां जल चढ़ाने के बाद पुन:अपने घर वापसी होगी. इस अवसर पर सोनू कुमार, पिंटू कुमार, सुशील कुमार, गणेश कुमार, रविंद्र कुमार, जयप्रकाश कुमार, अनमोल कुमार, सुनील कुमार, प्रमोद कुमार, धीरेंद्र कुमार, जयकृष्ण कुमार, नवीन कुमार, रामानंद यादव, रतन कुमार, नीरज कुमार, बबलू कुमार, सुनील यादव आदि शामिल थे.
